पूरबशरीरा में स्थित झारखंडी माता मंदिर में गुरुवार की दोपहर एक कारोबारी ने पूजा-पाठ के बाद दूध की जलहरी भरवाई थी। इसी दूध को बाद में कारोबारी ने मंदिर के समीप रहने वालों लोगों के बीच वितरित किया। शाम को दूध पीने वाले लोग फूड प्वायजनिंग का शिकार हो गए। इससे सभी लोगों को उल्टी-दस्त होने लगी। जानकारी होते ही सीएमओ ने एंबुलेंस भेजकर फूड प्वायजनिंग का शिकार हुए लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जिला अस्पताल में 25 लोगों का इलाज चल रहा है। इनमें सबसे ज्यादा बच्चे हैं।
पूरबशरीरा निवासी पप्पू केशरवानी सीमेंट कारोबारी है। पप्पू केशरवानी की एक मनौती पूरी हुई तो गाजे-बाजे के साथ परिवार व गांव के लोगों के साथ झारखंड माता मंदिर में पूजा करने गया। पूजा-पाठ के बाद मंदिर की जलहरी में उसने 51 लीटर दूध भरवाया। इसके बाद जलहरी में भरे दूध को साथ में आए लोगों व मंदिर के समीप रहने वाले लोगों को एक-एक गिलास प्रसाद के रूप में दिया गया। सभी लोगों ने दूध पिया। दोपहर करीब एक बजे पूरबशरीरा गांव की रोशनी देवी(05) पुत्री उमेश कुमार, ज्योति (08) पुत्री कल्लू , अंकित (03) पुत्र कल्लू, विमला देवी (35) पत्नी कल्लू, उमेश (30), सतीश (09), फौजी (13), सचिन (05), संतरानी (40), विकास (02), पुष्पा 10, नीरज (09), गुड़िया (04), अंतिश (06), मनीष (04), अजय (06), पप्पू (05) समेत 32 लोगों की हालत बिगड़ गई। शाम करीब सात बजे उल्टी-दस्त तेज हो गई तो गांव में हड़कंप मच गया। पप्पू केशरवानी ने इसकी जानकारी अधिकारियों को दी।
कई लोगों को गांव के ही नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना पर सीएमओ डॉ. एसके उपाध्याय ने एंबुलेंस प्रभारी रत्नेश शर्मा से बातचीत की और 102 और 108 की छह एंबुलेंस को सीधे पूरबशरीरा गांव भेजा। पैरामेडिकल टीम अलग से भेजी गई। हालत गंभीर देख 25 लोगों को जिला अस्पताल लाया गया। इकट्ठा इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के आने से अस्पताल में अव्यवस्था फैल गई। किसी तरह डॉक्टरों ने बेड खाली कराकर मरीजों को भर्ती किया। डॉक्टरों का कहना है कि सभी लोग फूड प्वायजनिंग का शिकार हुए हैं। आशंका है कि दूध में मिलावट होने के कारण ऐसा हुआ है।