दोआबा में हर रोज चोरों का कहर बरप रहा है। बेखौफ चोर एक के बाद एक मकान-दुकान खंगाल रहे हैं। चोर-बदमाशों में खाकी का तनिक भी खौफ नहीं रह गया है। डेढ़ महीने के भीतर चोरों ने नगदी समेत करीब बीस लाख रुपये की संपत्ति पार कर दी। मौका-मुआयना करने के बाद रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले को ठंडे बस्ते में डाल देती है। वारदातों का खुलासा नहीं होने से चोरों के हौसले बुलंद है। लगातार हो रही चोरी की वारदातों से पुलिस गश्त की सारी सच्चाई उजागर हो गई है। लोगों का कहना है कि पुलिस गश्त नहीं होने से चोरी की घटनाओं में इजाफा हो रहा है।
जिले में चोर-बदमाशों का कहर लगातार बरप रहा है। पुलिस और चोर का खेल चरम पर पहुंच चुका है। साल-दो साल में एक दो चोरी की वारदातों का खुलासा कर पुलिस अपनी पीठ खुद थपथपा लेती है। बेखौफ चोरों का गिरोह मकान-दुकान खंगाल कर लाखों का वारा न्यारा रोजाना कर रहा है। डेढ़ महीने में ही देखे तो चोरों ने बीस सेे अधिक मकान-दुकान खंगाल चुके है। इस दौरान चोरों के हाथ नगदी समेत करीब 20 लाख रुपये के गहने, बर्तन, कपड़े आदि लगा है। ताबड़तोड़ हो रही चोरी की वारदातों का खुलासा तो दूर पुलिस चोरी की रिपोर्ट दर्ज करने से भी दूर भागती रहती है। जिले की पुलिस पर खाकी का खौफ तनिक भी नहीं दिख रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक आशुतोष मिश्र का कहना है कि आपराधिक वारदातों पर अंकुश लगाए जाने का निर्देश जिम्मेदारों को दिए गए हैं।