गंगा कछार की जमीन कब्जे को लेकर सोमवार की रात तरसौरा गांव के एक परिवार को जिंदा जलाने की कोशिश हुई। रात सोते समय घर में भी आग लगा दी गई। चीख-पुकार पर गांववालों के दौड़ने से भुक्तभोगी और उसके 5 बच्चों की जान बची। हालांकि आग से हजारों रुपये की गृहस्थी का सामान खाक हो गया। भुक्तभोगी की तहरीर पर कोखराज पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी है। चौकी इंचार्ज ने बताया कि जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कोखराज कोतवाली क्षेत्र के तरसौरा गांव निवासी राजपाल ने बताया कि गंगा कछार में उसकी जमीन है। प्रतिवर्ष गंगा में आने वाली बाढ़ के कारण जमीन का सीमांकन नहीं है। इसके कारण पानी घटने पर लोग अपनी-अपनी जमीन पर खेती कर लेते हैं। बताया कि उसने भी अपनी जमीन पर बुआई की है। आरोप है कि गांव के ही एक दबंग ने अपने भाइयों के साथ सोमवार की शाम जाकर उसकी 4 बीघा जमीन की जुताई कराकर कब्जा कर लिया। जब वह विरोध करने पहुंचा, तो कब्जेदारों ने असलहे लेकर उसे जान से मारने की नीयत से दौड़ा लिया।
चीखते-चिल्लाते गांव की ओर भागने पर उसकी जान बची। आरोप है कि कब्जेदारों ने उसके पूरे परिवार को मार डालने की धमकी भी की। इधर, रात में वह अपने 5 बच्चों लक्ष्मी देवी (18), सुषमा (14), कुसुमा (9), विपिन (7) और विजय (3) के साथ घर के भीतर सो रहा था, तभी रात करीब एक बजे उसके घर में आग लगा दी गई। आरोप है कि इन्हीं कब्जेदारों ने उसके घर में आग लगाकर पूरे परिवार को जलाकर मार डालने की कोशिश की है। चीख-पुकार पर गांववालों ने आकर उसे और उसके बच्चों की जान बचाई। करीब घंटेभर की मेहनत के बाद गांववाले आग पर काबू पा सके। हालांकि जबतक आग बुझती, मकान के साथ ही बर्तन, बिस्तर, कपड़े, अनाज समेत हजारों रुपये की गृहस्थी का सामान जल चुका था। भुक्तभोगी ने घटना की तहरीर मंगलवार की सुबह शहजादपुर चौकी और कोखराज थाने में दी। इसमें उसने 4 लोगों को नामजद किया है। चौकी इंचार्ज रणविजय सिंह ने बताया कि प्रकरण की जांच की जा रही है।