करारी। अव्यवस्थाओं से खफा शेषा गांव स्थित आश्रम पद्धति विद्यालय के छात्रों का गुस्सा गुरुवार को एक बार फिर फूट पड़ा। छात्रों ने शिक्षकों को बाहर खदेड़कर गेट में ताला जड़ दिया और धरने पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। सुबह से शाम तक चले हंगामे की जानकारी होने के बाद भी कोई अफसर मौके पर नहीं पहुंचा। देर शाम प्रधानाचार्य के आश्वासन पर छात्रों ने धरना खत्म किया।
राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय शेषा में कक्षा चार से इंटरमीडिएट तक के कुल 369 छात्र अध्ययनरत हैं। इन्हें पढ़ाने के लिए केवल 15 शिक्षकों की तैनाती की गई है। छात्रों का आरोप है कि अध्यापकों की कमी के कारण ठीक तरीके से पढ़ाई नहीं हो पाती।
परीक्षा सिर पर होने के बाद भी कई सिलेबस अभी तक पूरे नहीं कराए जा सके हैं। छात्रों का ये भी आरोप था कि उन्हें घटिया भोजन दिया जाता है। कक्षा तीन से आठ तक के विद्यार्थियों को रफ कॉपी नहीं दी जा रही है। साबुन दो की जगह छोटा वाला एक दिया जाता है। इन्हीं तमाम समस्याओं से खफा छात्र गुरुवार सुबह बिफर पड़े। उन्होंने शिक्षकों को नारेबाजी करते हुए खदेड़ दिया। इसके बाद मेन गेट पर ताला जड़ धरने पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। आक्रोशित छात्र जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़े थे। देर शाम तक कोई भी अफसर मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद प्रधानाचार्य ने दिक्कतें दूर करने का भरोसा दिलाकर धरना खत्म कराया। छात्रों ने हफ्ते भर में समस्याओं का समाधान नहीं होने पर फिर से आंदोलन करने की धमकी दी है।
शेषा गांव का आश्रम पद्धति विद्यालय शुरूआती दौर से ही सुर्खियों में रहा है। अक्सर यहां के छात्रा अव्यवस्थाओं से नाराज होकर इस तरह का आंदोलन करने को मजबूर होते हैं। इससे पहले 17 अगस्त को भी तीन छात्रों का नाम काटे जाने पर बिफरे विद्यार्थियों ने धरना प्रदर्शन किया था।