चायल तहसील में सोमवार दोपहर युवकों की शिकायत पर नायब तहसीलदार ने एक स्टांप वेंडर के कब्जे से नकली टिकट बरामद किए। स्टांप वेंडर नोटरी के टिकट को कलर प्रिंटर से निकालकर हलफनामा बनाकर बेच रहा था। नायब तहसीलदार ने आरोपी के खिलाफ पिपरी थाना में मामला दर्ज कराते हुए पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
उपजिलाधिकारी चायल अश्विनी श्रीवास्तव के कार्यालय में सोमवार दोपहर करीब दो दर्जन युवक पहुंचे। आय, जाति व निवास के लिए आवेदन करने वाले युवाओं ने हलफनामा बनवाया था। इनके हलफनामा में नकली टिकट लगे थे। एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नायब तहसीलदार सुदीप कुमार को छापा मारकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। युवकों की निशानदेही पर नायब तहसीलदार ने स्टांप वेंडर धर्मेंद्र कुमार के काउंटर पर छापा मारा। धर्मेंद्र के काउंटर से नायब तहसीलदार ने 12 नकली टिकट बरामद किए। ये टिकट दस-दस रुपये के थे। इन टिकटों को कलर प्रिंटर से स्कैन कराकर निकाला गया था। नायब तहसीलदार ने होमगार्डों की मदद से स्टांप वेंडर को गिरफ्तार कराया। इसके बाद पिपरी थाने की पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पिपरी इंस्पेक्टर भाष्कर मिश्र आए। नायब तहसीलदार की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी स्टांप वेंडर चायल का रहने वाला है। उपजिलाधिकारी ने बताया कि युवकों की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। अच्छा हुआ कि युवकों की निगाह पड़ गई। यदि किसी उच्च स्तर पर मामला फंसता तो युवक की भी भूमिका संदिग्ध हो जाती। मामले के आरोपी का स्टांप लाइसेंस भी निरस्त कराया जाएगा।