पुलिस अधीक्षक के मोबाइल पर दो दिन पहले एक धमकीभरा मैसेज आने से महकमे में हड़कंप मच गया है। मैसेज पढ़ते ही जहां पुलिस कप्तान सन्न रह गए। वहीं पूरे महकमे में खलबली मच गई। नंबर ट्रेस करके पुलिस ने मामले में चरवा थाना क्षेत्र के बरौला गांव के एक युवक को धरदबोचा है। जबकि उसका साथी फरार है। इन दोनों युवकों के खिलाफ मंझनपुर कोतवाली में एफआईआर लिखकर पुलिस मामले की बारीकी से जांच में जुटी है।
पुलिस अधीक्षक वीके मिश्रा के सीयूजी नंबर पर दो दिन पहले एक मैजेस आया था। इसमें लिखा था कि आईएसआई एजेंट हूं, सावधान हो जाओ, वरना पुलिस दफ्तर के साथ तुम्हें भी उड़ा दूंगा। यह संदेश पढ़कर एक बारगी पुलिस अधीक्षक सन्न रह गए। तत्काल उन्होंने इस मामले की जानकारी मातहत अफसरों को दी। जिस मोबाइल नंबर से मैसेज आया था, उसे सर्विलांस के माध्यम से ट्रेस कराया गया। जांच में पता चला कि चरवा थाना क्षेत्र के बरौला गांव के रहने वाले जयसिंह और निप्पू यादव ने यह मैसेज एसपी को किया था। पुलिस ने दबिश देकर जयसिंह को धरदबोचा। जबकि उसका साथी निप्पू यादव भाग निकला। इन युवकों ने फर्जी आईडी पर सिम लेकर यह धमकी भरा मैसेज भेजा था। रविवार को मंझनपुर कोतवाली पुलिस ने दोनों युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके पकड़े गए जयसिंह को जेल भेज दिया है। मंझनपुर कोतवाली प्रभारी ने बताया कि दूसरे अभियुक्त निप्पू यादव की तलाश की जा रही है। एसओ और विवेचक के मुताबिक प्रारंभिक जांच में लग रहा है कि युवकों ने यह मैसेज शरारतन किया है।