चायल के पूर्व ब्लॉक प्रमुख संतोष सिंह की हत्या के लिए 2 लाख रुपये की सुपारी लेने वाले शातिर बदमाश को बृहस्पतिवार की रात पुलिस ने मुठभेड़ को दौरान धर दबोचा। पुलिस ने उसके दो साथी को भी गिरफ्तार किया है। इन शातिर बदमाशों के पास से पुलिस ने तीन तमंचा और कारतूस मिलने का दावा किया। पूछताछ के बाद तीनों बदमाशों को पुलिस ने जेल भेज दिया है।
पुरामुफ्ती एसओ राकेश सरोज ने बताया कि बृहस्पतिवार की देर रात वह शहीद कैप्टन विजय सिंह स्मारक महाविद्यालय के पास वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि चायल के पूर्व प्रमुख संतोष सिंह की हत्या के लिए दो लाख रुपये की सुपारी लेने वाला शातिर बदमाश अपने दो साथी बदमाशों के साथ बाइक से इलाहाबाद की ओर जा है। करीब 10 मिनट बाद एक बाइक में तीन युवक आते दिखे। सिपाहियों ने इन युवकों को रुकने का इशारा किया। बताया जाता है कि पुलिस को देख युवकों ने बाइक की स्पीड बढ़ा दी। साथ ही पुलिस टीम पर एक युवक ने तमंचे से फायर कर दिया। हालांकि पहले से चौकन्ने रहे थानेदार और सिपाहियों ने घेराबंदी करके इन तीनाें बदमाशों को धर दबोचा। बकौल एसओ राकेश सरोज पकड़े गए बदमाशों में अरशद निवासी प्रीतमनगर इलाहाबाद, रवि निवासी मूरतगंज कोखराज और मोहम्मद वैश निवासी दनियालपुर थाना चरवा है। पूछताछ में पता चला कि अरशद शातिर सुपारी किलर है। उसने चायल के पूर्व प्रमुख संतोष की हत्या करने के लिए दो लाख रुपये की सुपारी ली थी। बता दें कि चार जनवरी की सुबह पूर्व प्रमुख पर अलाव तापते समय घर के सामने ही गोली चलाकर प्राणघातक हमला किया गया था, लेकिन निशाना चूकने से वे बाल-बाल बच गए थे। पुलिस ने तीनों बदमाशों के कब्जे से तीन तमंचा और आधा दर्जन कारतूस बरामद किया है।