सऊदीअरब में फंसे जिले के चार युवक एक नई मुसीबत में घिर गए। अकामा (परिचय पत्र) न होने पर सऊदीअरब की पुलिस ने चारों को जेल में डाल दिया है। इसकी जानकारी परिजनों को हुई तो वह सन्न रह गए। इससे परिजनों में हड़कंप मचा है। परिजन तमाम तरह की शंकाओं से घिरे हैं और युवकों की वापसी को ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं।
सिराथू के टीकरडीह निवासी मक्खन लाल, गनेश व रमेश और कादीपुर निवासी ओमप्रकाश ढाई माह पहले सऊदीअरब में जाकर फंस गए थे। ये चारों सऊदीअरब के हॉयल के निलहज्जा गए थे। वहां कपिल ने इनको बंधक बना लिया था। हाड़तोड़ मेहनत कराने के बाद भरपेट भोजन तक नहीं दिया जाता था। इसका चारों ने विरोध किया और शिकायत की। परिजनों को पता चला तो उन्होंने विदेश मंत्रालय से चारों को घर भेजने की गुहार लगाई। मक्खन के पिता ने इस मामले में एजेंट शमीम के खिलाफ तहरीर भी दी है। कपिल के खिलाफ मक्खन व उसके साथियों ने सऊदीअरब में भारतीय दूतावास में शिकायत की थी। इसके बाद इनको पासपोर्ट मिल गया था और यह पखवारा भर पहले राजधानी रियाद चले गए थे।
चार दिन पहले इनको सऊदीअरब की पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मक्खन व उसके साथियों पर आरोप है कि उनके पास अकामा यानि सऊदीअरब का परिचय पत्र नहीं था। इसकी जानकारी सऊदीअरब से मक्खन के साथियों ने गुरुवार को दी तो पिता लल्लू के होश उड़ गए। लल्लू ने यह जानकारी रमेश व गनेश के घर वालों को दी। सभी के घरों में रोना-पीटना मच गया। लल्लू ने बताया कि गनेश के पिता गिरधारी लाल व मां केशरानी व रमेश की मां रानी देवी का रो-रो कर बुरा हाल है। वह हर वक्त बेटों को बुलाने की जिद कर रहे हैं।
पिंटू के शव के इंतजार में परिजन
सदर तहसील क्षेत्र के टेनशाहआलमाबाद निवासी पिंटू मौर्य (20) सऊदीअरब में रहकर काम करता था। वहां एक पखवारा पहले उसकी मौत हो गई। सात दिन बाद साथियों ने इसकी जानकारी पिंटू के परिजनों को दी थी। तब से उसके घर में मातम हो रहा है। बेटे का शव वापस मंगाने के लिए परिजनों ने डीएम से भी गुहार लगाई है, लेकिन अभी तक शव नहीं आ सका है।