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शव के इंतजार में बिलख रहे परिजन

Tue, 13 Dec 2016 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
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समंदर पार सऊदीअरब में एक बेटे का शव मुर्दा घर में पड़ा है। शव लाने के लिए परिजन विदेश मंत्रालय से मदद की गुहार लगा रहे है। जबकि सरकार की तरफ से कोई मदद की उम्मीद नहीं दिख रही है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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   सदर तहसील के टेनशाहआलामाबाद निवासी पिंटू मौर्य (20) सऊदीअरब में रहकर कमाई करता था। वह दो भाइयों में छोटा था। दस दिन पहले उसकी सऊदीअरब में मौत हो गई। इसकी सूचना परिजनों को छह दिन बाद दी गई। इससे उसके भाई अरविंद, मां फूलमती व बहन लक्ष्मी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन बेटे के शव का इंतजार कर रहे हैं, ताकि हिंदू रीति रिवाज के तहत उसका अंतिम संस्कार किया जा सके, लेकिन उसका शव अभी तक नहीं आया। शव देखने की तड़प अब बढ़ती जा रही है। पिंटू के भाई अरविंद ने मदद की गुहार विदेश मंत्रालय से लगाई है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।

सऊदीअरब में सिसक रहीं चार जिंदगियां
समंदर पार सऊदीअरब में कौशाम्बी के चार युवक घर आने के लिए तड़प रहे हैं। ये युवक एजेंट की जालसाजी से वहां फंस गए हैं। परिजन रात-दिन आंसू बहा रहे हैं। केंद्र सरकार व कौशाम्बी सांसद से भी लोग गुहार लगा रहे है लेकिन उनकी तरफ से कोई मदद नहीं मिल पा रही है।
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  सऊदीअरब में कौशाम्बी के चार युवक फंसे हैं। हॉयल के निलहज्जा में इन्हें बंधक बनाकर रखा गया था। इनमें टीकरडीह निवासी मक्खन लाल, रमेश, गनेश और कादीपुर निवासी ओम प्रकाश है। मक्खन के पिता लल्लू ने दबाव बनाया तो एजेंट ने अपने भाई की मदद से इन युवकों को राजधानी रियाद बुलवा लिया है, लेकिन उनको वहां से वापस नहीं भेजा जा रहा है। इससे इनके परिजन परेशान हैं। मक्खन के पिता लल्लू ने भारतीय दूतावास के साथ विदेश मंत्रालय को पत्र भेजकर बेटे व उसके साथियों को वापस भेजवाने की मांग की है। लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं मिली।

इकरारनामे में फंसे हैं कौशाम्बी के चार युवक
कबूतरबाजी करने वाले लोग शातिर हैं। सऊदीअरब में फंसे जिले के चार युवकों को कुरामुरीदन निवासी शमीम ने धोखा दिया है। वीजा देने से पहले इस एजेंट ने मुंबई में अपने साथी की मदद से इकरारनामा लिखवा लिया था। यही इकरारनामा इन युवकों के गले की फांस बना हुआ है, जिस पर वहां के कपिल ने टांग अड़ा रखी है। हालांकि लल्लू के दबाव बनाने पर एजेंट शमीम के भाई ने युवकों को हॉयल से रियाद बुला लिया है, लेकिन वह वहां से इनको वापस नहीं भेज पा रहा है।

सांसद ने दिया था आश्वासन
सऊदी में फंसे युवकों को वापस लाने के लिए सांसद विनोद सोनकर ने मदद का आश्वासन दिया था। हालांकि अब तक उनकी तरफ से कोई पहल नहीं की गई। लोगों में सांसद के प्रति नाराजगी है। वहीं मोटी रकम लेकर युवकों को सऊदीअरब भेजने वाले शमीम के खिलाफ मक्खन के पिता लल्लू ने एसपी को शिकायती पत्र दिया था। सैनी पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, लेकिन अभी तक एजेंट के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर लल्लू ने नाराजगी भी जताई है। लल्लू का कहना है कि कार्रवाई न होने से शमीम उनके बेटे व साथियों को नहीं बुला रहा है।
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