अंधविश्वास की एक अजीबोगरीब घटना चरवा के बलीपुर टाटा गांव में सामने आई है। यहां एक किसान ने ब्रह्मराक्षस के नाम पर अपनी ही पत्नी और बेटी को आठ साल तक घर में बंधक बनाए रखा और उन्हें यातनाएं देता रहा। दोनों के इलाज के लिए किसान ने हरियाणा से एक पुरोहित को बुलवाया। जब पुरोहित ने मां-बेटी की आपबीती सुनी तो वह दंग रह गए। शनिवार शाम को पुरोहित ने गांववालों और पुलिस के सामने इस हैवानियत का खुलासा किया। इसके बाद पुलिस ने मां-बेटी को किसान के चंगुल से आजाद कराकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस किसान को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
बलीपुर टाटा गांव निवासी सरजू तिवारी गांव के बड़े काश्तकारों में गिना जाता है। सरजू के बड़े बेटे आलोक उर्फ रिंकू की आठ साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद से सरजू का परिजनों के प्रति व्यवहार बदल गया। उसके अजीब रवैए से आजिज आकर उसका छोटा बेटा विजय भाग निकला। आरोप है कि छोटे बेटे के गायब होने के बाद सरजू ने अपनी पत्नी शशिकला व बेटी कंचन लता (19) को घर में ही कैद कर दिया। वह दोनों को बाहर नहीं निकलने देता था। कभी-कभी दोनों को खाना देता था। सरजू का ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी और बेटी पर ब्रह्मराक्षस सवार है। दोनों कहीं भाग न जाएं, इसलिए वह उनको घर में कैद रखता था।
दो दिन पहले सरजू ने पूजा-पाठ के लिए हरियाणा के पुरोहित अमित त्रिपाठी को घर बुलाया। पुरोहित ने मां-बेटी से बातचीत की तो वह दंग रह गया। अमित ने इसकी जानकारी गांववालों और पुलिस को दी। शनिवार देर शाम चरवा पुलिस के साथ सीओ चायल महेंद्र सिंह देव मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दरवाजा खुलवाकर मां-बेटी को बाहर निकलवाया। उनको इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है, जहां कंचन की हालत ठीक नहीं है। सरजू का कहना है कि वह मानसिक रूप से बीमार है। जानकारी होने पर देर शाम चायल विधायक संजय गुप्ता भी पहुंचे और मां-बेटी से बातचीत करने का प्रयास किया, लेकिन ठीक न होने पर वार्ता नहीं हो सकी। चरवा इंस्पेक्टर मो. हासिम ने बताया कि मां-बेटी का इलाज चल रहा है। हालत सामान्य होने पर ही सच्चाई का पता चल सकेगा।