सैनी कोतवाली पुलिस ने अपने अजीब हरकतों के लिए हमेशा जानी जाती रही। 11 साल बाद इस कोतवाली पुलिस ने दोबारा अपना इतिहास दोहराया है। तत्कालीन कोतवाल केपी गुप्ता के कार्यकाल में दो सिपाही गुरूकुल आश्रम के समीप मिले एक शव को सरकारी जीप में लादकर फतेहपुर गए थे, जहां खागा सीओ ने रंगेहाथ पकड़ लिया था। इसकी जांच अभी भी चल रही है। सीओ ने मामला दर्ज करा दिया था।
वर्ष 2005 में सैनी कोतवाली क्षेत्र के गुरूकुल आश्रम के समीप एक शव मिला था। अधेड़ का शव था। तत्कालीन इंस्पेक्टर केपी गुप्ता मौके पर पहुंचे थे, इसके बाद वह वापस आ गए थे। दोबारा वहां सरकारी जीप से ड्राइवर व सिपाही सुभाष व वीरेंद्र पहुंचे। शव को लादकर वह फतेहपुर के खागा कोतवाली क्षेत्र पहुंचे। वह फतेहपुर में हाईवे किनारे शव उतार ही रहे थे कि खागा सीओ वहां पहुंच गए। सरकारी जीप से सिपाहियों को शव उतारता देख, सीओ ने दोनों को अपने हमराहियों से हिरासत में लेकर अधिकारियों को सूचना दी थी। इसके बाद दोनों सिपाहियों के खिलाफ खागा कोतवाली में मामला दर्ज कराया गया। कोतवाल की पैरवी पर सिपाहियों को छोड़ा गया। इसके बाद पुलिस शव लेकर वापस आई और मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। अभी तक इसकी जांच चल रही है। अभी तक पुलिस की फाइलों में यह मामला लंबित चल रहा है और सैनी पुलिस ने दोबारा वही घटना अंजाम दे दी।
भक्त की हत्या से आश्रम के लोग बेखबर
पूर्व प्रधान गोमती देवी गुलामीपुर के समीप मानव मंगल मिलन सद्भावना समागम समिति की ओर से होने वाले सत्संग में प्रत्येक गुरुवार को जाती थीं। बीते गुरुवार को आश्रम से बाहर निकलते ही गोमती देवी घटना का शिकार हुई, लेकिन इसकी भनक किसी को नहीं लगी। इस गुरुवार को आश्रम में हजारों की तादाद में महिलाएं आई थीं, लेकिन किसी को यह नहीं पता था कि गोमती देवी उनके बीच नहीं रही। आश्रम के जिम्मेदारों ने भी पल्ला झाड़ लिया था।