मूरतगंज। कस्बे के सब्जी व्यापारी ने स्थानीय झोलाछाप चिकित्सक की शिकायत बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी से की है। आरोप है कि पेटदर्द होने पर झोलाछाप ने उसे गलत तरीके से इंजेक्शन लगा दिया था। तबीयत बिगड़ने पर उसे इलाहाबाद में भर्ती कराना पड़ा था। जिलाधिकारी ने सीएमओ को प्रकरण की जांच करके कार्रवाई का निर्देश दिया है।
मूरतगंज कस्बा निवासी लईक अहमद सब्जी व्यापारी हैं। उसने बताया कि बाजार में ही एक व्यक्ति मेडिकल स्टोर संचालित करता है। साथ ही स्टोर में ही उसने अपना क्लीनिक भी खोल रखा है। लईक अहमद के मुताबिक 31 अक्तूबर 2014 की दोपहर उसके पेट में अचानक तेज दर्द होने लगा था। वह दवा लेने के लिए उक्त मेडिकल स्टोर संचालक के पास गया था। चेकअप करने के बाद उन्होंने उसे अपने क्लीनिक में भर्ती कर लिया।
आरोप है कि इस दौरान ड्रिप चढ़ाने के साथ ही उसे एक साथ कई इंजेक्शन भी लगाया। इससे उसकी तबीयत और बिगड़ गई। गलत तरीके से इंजेक्शन लगाने के कारण उसके दोनों पैर बेजान हो गए थे। हालत नाजुक होने पर परिजनों ने उसे इलाहाबाद के एक निजी हास्पिटल में भर्ती कराया। जहां 11 दिन के इलाज के बाद उसकी जान बच सकी। भुक्तभोगी ने बताया कि उसने बगैर डिग्री के क्लीनिक खोलकर लोगों की जान से खेलने वाले उक्त झोलाछाप चिकित्सक की शिकायत आठ दिसंबर को सीएमओ से की थी। आरोप है कि लिखित शिकायत करने के बाद भी उक्त क्लीनिक संचालक के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे परेशान भुक्तभोगी ने बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी से शिकायत की। डीएम ने सीएमओ को जांच करके कार्रवाई का निर्देश दिया है। मामले में सीएमओ डॉ. आरके मिश्रा ने बताया कि प्रकरण की जांच कराई जा रही है। मेडिकल स्टोर और क्लीनिक संचालक को डिग्री लाइसेंस जांच कराने के लिए नोटिस जारी कर दी गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।