सैनी कोतवाली के शीतलाधाम कड़ा में सोमवार दोपहर यात्रियों से भरी एक डोंगी गंगा में डूब गई। घटना से नाव में सवार लोगों में अफरा-तफरी मच गई। गंगा में पानी कम होने की वजह से डोंगी सवार बाल-बाल बच गए। उन्हें दूसरी डोंगी में बैठाकर गंगापार कराया गया। श्रद्धालुओं के चले जाने के बाद डोंगी मालिक ने राहत की सांस ली है।
शीतला धाम कड़ा में अषाढ़ मास के दूसरे पक्ष का मेला चल रहा है। इस दौरान दूर-दराज से भक्त मां के दर्जन-पूजन व मुंडन संस्कार कराने के लिए धाम आ रहे हैं। शुक्रवार की सुबह प्रतापगढ़ जिले के देवनाथ पुत्र गोबर्धन अपनी पत्नी शिवकुमारी, बहन ननकी, बहनोई ओंकार के साथ बेटी सृष्टि का मुंडन कराने शीतला धाम आया था। गंगा स्नान के बाद मां की दरबार में उसने बेटी का मुंडन कराया। इसके बाद कुबरी घाट से गंगा पार करने के लिए एक डोंगी पर सवार हुआ।
इसी डोंगी पर अमेठी खास निवासी बंशी लाल का परिवार भी सवार था। डोंगी जैसे ही घाट से दस मीटर गंगा नदी में पहुंची। ओवरलोड के चलते अनियंत्रित हुई डोंगी पलट गई। इससे उसमें सवार लोग डूबने-उतराने लगे। घाट पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया तो नाविक लोगों को बचाने के लिए नदी में कूदे। किसी तरह लोगों को बचाकर बाहर निकाला गया। बाल-बाल बचे सवारों को डोंगी मालिक ने आनन-फानन में दूसरी नाव बुलाकर गंगा पार कराया।