महिला के साथ पांच साल तक दुष्कर्म और अब उसे जिस्म फरोशी के धंधे में उतारने के लिए मजबूर करने वाले ‘बाबा’ पर पुलिस का शिकंजा कसने लगा है। सीओ सदर ने महिला का बयान दर्ज किया। इस दौरान वह अपने आरोपों पर अडिग रही। बाबा के खौफ से महिला बांदा में पनाह लिए थी। सीओ पूरे मामले की रिपोर्ट शुक्रवार को एसपी प्रदीप गुप्ता को सौंपेगे।
करारी इलाके का ‘बाबा’ वर्ग विशेष की एक खास जाति का कथित तौर पर धर्म गुरू है। बाबा के खिलाफ उसके गांव की रहने वाली महिला ने बीस दिन पहले एडीजी के सामने दरिंदगी की जो दास्तां सुनाई उससे वह भी चौंक गए। एडीजी ने जांच कर अभियोग पंजीकृत करने का आदेश दिया। पुलिस पूरे मामले को हजम करने के फिराक में थी। बाबा के खौफ की वजह से महिला परिवार सहित घर से पलायन कर गई। इस बाबत अमर उजाला ने गुरुवार के अंक में ‘बाबा ने नरक बना दी महिला की जिंदगी’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की तो अफसर सकते में आ गए। आननफानन सीओ सदर सच्चिदानंद पाठक को जांच के लिए महिला के गांव भेजा गया तो वहां तालाबंद मिला। बकौल सीओ पड़ोसियों ने बताया कुनबा दस दिन से लापता है। किसी तरह महिला का नंबर हासिल कर उसे बुलाया गया। सीओ का कहना है महिला ने बताया कि वह बांदा में थी। महिला ने अपना बयान दर्ज कराया है। सीओ का कहना है महिला ने जो प्रार्थना पत्र दिया है उसी पर वह कायम हैं। उन्होने जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है। शुक्रवार को उसे एसपी को दे दिया जाएगा। उधर, दूसरी तरफ आरोपी बाबा ने गुरुवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए महिला के आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दिया। आरोप लगाया कि सपा के कतिपय नेताओं के इशारे पर पुलिस उसे परेशान कर रही है। बाबा ने पूरे प्रकरण की जांच सीओ सिटी के बजाय किसी दूसरे सर्किल अफसर से कराने की मांग की है।
पांच साल तक बाबा का सहती रही जुल्म
महिला ने बताया था कि पांच साल पहले बाबा ने उसके साथ दुष्कर्म किया। वह अपने पति के साथ करारी थाने रिपोर्ट लिखाने जा रही थी तभी रास्ते में बाबा ने उसके पति को रोककर रायफल की बट से जमकर पीटा। पिटाई में एक पैर टूट गया और बाबा ने पति की एक आंख फोड़ दी। महिला को वहीं से बाबा ने धमका कर वापस घर भेज दिया। इसके बाद बाबा पांच साल तक उसके पति के सामने ही सम्बंध बनाने को मजबूर करता है। इन दिनों बाबा गैर मर्दो से सम्बंध बनाने के लिए मजबूर करने लगा तो दस दिन पहले महिला परिवार सहित पलायन कर गई थी।