करोड़ों रुपये की बेशकीमती भूमि की हेराफेरी करने के बाद तहसील के रिकार्ड रूम से मालिकाना रजिस्टर-06 गायब कर दिया गया है। यह खेल भू-माफिया की मदद के लिए किया गया है। चायल तहसीलदार व रजिस्ट्रार कानूनगो ने कई दिनों तक इस मामले को दबाए रखा। एसडीएम को पता चला तो वह भड़क गए। डीएम को रिपोर्ट भेजते हुए उन्होंने तहसीलदार को कार्रवाई का निर्देश जारी कर दिया। इससे चायल तहसील में हड़कंप मचा हुआ है।
चायल तहसील के रिकार्ड रूम में मालिकाना रजिस्टर-06 रखा जाता है। इस रजिस्टर में एसडीएम कोर्ट से जारी होने वाले आदेश लिखे जाते हैं। हाल ही में चायल एसडीएम अश्विनी श्रीवास्तव ने परसरा गांव में ग्राम सभा की भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनका नाम निरस्त कर दिया था। साथ ही आदेश दिया था कि नाम निरस्त कर रजिस्टर में उसको दर्ज किया जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अवैध कब्जा करने वालों ने करीब दस करोड़ रुपये से ज्यादा की भूमि पर कब्जा कर रखा था। एसडीएम ने जांच कराई तो पता चला कि उनकी कार्रवाई से पहले ही रिकार्ड रूम से मालिकाना रजिस्टर-06 गायब कर दिया गया था।
इस लापरवाही पर एसडीएम ने तहसीलदार से सवाल किया कि वह कस्टोडियन हैं। रजिस्टर कैसे गायब हुआ, इसके लिए वही जिम्मेदार हैं। जांच कर बताएं कि यह सब कैसे हुआ और मामले में कार्रवाई करें। एसडीएम ने इसकी रिपोर्ट डीएम को भेज दी है। उल्लेखनीय है कि गायब रजिस्टर महत्वपूर्ण है। अधिकारियाें को आशंका है कि भू-माफिया ने ही साठगांठ करके इस रजिस्टर को गायब कराया है। इनमें रियल स्टेट कंपनी के कारोबारी व प्रापर्टी का काम करने वाले एक दर्जन से ज्यादा लोगों की भूमिका संदिग्ध है। वहीं इस रजिस्टर के गायब होने से चायल तहसील के अधिकांश किसान प्रभावित हो सकते हैं।
क्या कहते हैं तहसीलदार
चायल तहसीलदार बीडी गुप्ता का कहना है कि रजिस्टर की खोजबीन की जा रही है। रजिस्ट्रार कानूनगो भीमसेन रिकार्ड रूम के प्रभारी हैं। यदि रजिस्टर नहीं मिलता है तो उनके खिलाफ केस दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि कितने रजिस्टर गायब हैं, अभी इसकी भी पुष्टि नहीं हो सकी है।
एसडीएम ने भेजी रिपोर्ट
एसडीएम अश्विनी श्रीवास्तव ने डीएम को जो रिपोर्ट भेजी है, उसमें जिक्र किया है कि रजिस्टर गायब हो गया था, लेकिन इसकी जानकारी उन्हें तहसीलदार ने नहीं दी, जबकि वह इसके लिए जिम्मेदार हैं। प्रबल संभावना है कि असरदार लोगों ने साठगांठ कर अपने निजी लाभ के लिए इस रजिस्टर को गायब कराया हो। मामले में उन्होंने तहसीलदार को कार्रवाई का निर्देश दिया है।