मंझनपुर इलाके में दलित महिला को राशन कार्ड बनाने के बहाने घर बुलाकर ग्रामप्रधान ने दुराचार किया। दरिंदगी के बाद कहीं भी शिकायत पर सरकारी योजनाओं से वंचित करने की धमकी देते हुए भगा दिया। शनिवार को कोतवाली पहुंची पीड़िता ने घटना की नामजद तहरीर पुलिस को दी। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस आरोपी प्रधान और मददगार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मंझनपुर कोतवाली इलाके के एक गांव की रहने वाली दलित विवाहिता को शुक्रवार को गांव के प्रधान ने सहयोगी से उसे राशन कार्ड बनाने के बहाने घर पर बुलाया। कार्यालय पहुंचने के बाद मददगार ने कमरा बाहर से बंद किया। कमरे में प्रधान ने मुंह दबाकर उसके साथ दुराचार किया। दरिंदगी करने के बाद प्रधान ने महिला को मुंह खोलने पर सरकारी योजनाओं से वंचित करने की धमकी देते हुए बाहर निकाल दिया। प्रधान की हैवानियत से सहमी विवाहिता घर पहुंची और देर रात पति के घर लौटने पर प्रधान की काली करतूत बताई। ग्रामप्रधान द्वारा विवाहिता के साथ दरिंदगी किए जाने की बात सुन पीड़ित पति के होश उड़ गए।
शनिवार को पति के साथ कोतवाली पहुंची पीड़िता ने आपबीती पुलिस को बताते हुए नामजद तहरीर दी। पीड़ित विवाहिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी प्रधान और उसके मददगार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में आरोपी ग्रामप्रधान का कहना है कि गांव की एक दुराचार पीड़िता की मदद करने पर एक नेता के इशारे पर उनके खिलाफ कार्रवाई कराई गई है। पीड़ित विवाहिता का पति एक नेता के साथ रहता है। इससे पहले नेता के कहने पर उन्हें अपहरण के मामले में नामजद कराया जा चुका है। जिसमें वह निर्दोष साबित हो चुके हैं।