सराय अकिल कस्बे में केमिकल से बनने वाले सरसो तेल का भंडाफोड़ एसडीएम और सीओ चायल की टीम ने किया। कारोबार का खुलासा होने के बाद मामले में डीओ खाद्य सुरक्षा और इंस्पेक्टर की भूमिका साफ सुथरी नहीं दिखी। मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम की एक-एक गतिविधि को सराय अकिल पुलिस ने जीडी में दर्ज कर दिया है। यदि उच्चाधिकारी पुलिस की जीडी को संज्ञान में ले लें तो खाद्य सुरक्षा विभाग के अफसरों की पोल सरसों तेल के कारोबार में क्या है खुलासा होना तय है।
एसडीएम चायल अश्वनी कुमार श्रीवास्तव और सीओ रामभवन यादव ने सराय अकिल कस्बे में रविवार को एक गांजा कारोबारी के घर छापेमारी की। इस दौरान टीम को महज डेढ़ किलो गांजा ही मिल सका। इसके बाद जब टीम दूसरे गांजा कारोबारी के घर छापामारी किया तो यहां कुछ और देखने को मिला। टीम ने पाया मौके पर पाया कि यहां पर केमिकल के जरिए सरसों का तेल बनाकर बेचा जाता है। लगभग 14 सौ लीटर मिले इस तेल और बनाने के केमिकल को स्थानीय पुलिस ने कब्जे में ले लिया। अवैध सरसों तेल बरामद होने के बाद एसडीएम ने जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी राम अशोक यादव और खाद्य सुरक्षा अधिकारी चायल रोशन सिंह यादव को मौके पर जांच सैैैंपल लेने के लिए बुलाया।
बरामद तेल को पुलिस ने थाने लाकर कस्टडी में कर लिया। मौके पर पहुंची खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने से कतराने लगी। एसडीएम के दबाव पर टीम ने जब एफआईआर दर्ज कराया तो पुलिस ने बरामद केमिकल को अपने कब्जे में करना चाहा। इस पर जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी राम अशोक यादव ने केमिकल नहीं दिया और कहा कि जांच के लिए तेल भेजा जाएगा बरामद केमिकल नहीं।
इतना ही नहीं यह भी कहा कि केमिकल की जांच कराने के लिए चार डिब्बा चाहिए। एक डिब्बे से जांच नहीं हो पाएगी। डीओ खाद्य सुरक्षा की बातें सुनकर सराय अकिल पुलिस को मामले में विभाग द्वारा गड़बड़ी किए जाने की आशंका हो गई। इस पर पुलिस ने नकली सरसों तेल बनाने, उसमें डाले जाने वाले केमिकल और डीओ खाद्य सुरक्षा की कारगुजारी तक को जीडी में दर्ज कर दिया है। ऐसे नकली सरसों तेल के मामले में डीओ खाद्य सुरक्षा क्या भूमिका है पूरा राज सराय अकिल पुलिस की जीडी में दर्ज है। यदि जीडी को उच्चाधिकारी संज्ञान में ले लें तो खाद्य सुरक्षा विभाग की मामले में पोल खुलना तय है। बहरहाल उपभोक्ताओं को तेल के नाम जहर परोस रहे कारोबारियों को बचाने में जुटे विभाग के जिम्मेदारों को लेकर इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम जिले भर में छापेमारी तो करती है पर वह कुछ खास खाद्य पदार्थों तक ही सिमट कर रह जाती है। इसमें मिठाई, खोवा, बेसन जैसे छोटे कारोबारी ही शामिल रहते हैं। सरसों के तेल के नाम बेचे जा रहे जहरीले पदार्थ पर टीम की नजर कभी नहीं पड़ी। ऐसा खाद्य सुरक्षा विभाग के पिछले माह के आंकड़े बता रहे हैं। पिछले माह में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कई नमूने छापेमारी कर लिए। इनमें 15 में मिलावट मिलने पर उनके खिलाफ न्यायालय में केस भी दर्ज कराया गया लेकिन इसमें मिलावटी तेल का एक भी मामला शामिल नहीं है। ऐसे में सवाल यह उठने लगा है कि सराय अकिल कस्बा समेत इलाके के गांव-गांव में फैले नकली सरसों तेल कारोबारियों के खिलाफ विभागीय जिम्मेदारों की नजर क्यों नहीं गई। उनके द्वारा संचालित नकली सरसों तेल के कारोबार के नमूने क्यों नहीं लिए गए। यह सारे सवाल कहीं न कहीं खाद्य सुरक्षा विभाग को कटघरे में खड़ा करने वाले साबित हो रहे हैं।
। सराय अकिल कस्बे में सोनारन टोला गली और शगुन गेस्ट हाउस समेत नकली सरसों तेल का कारोबार दर्जन भर लोग करते हैं। इन कारोबारियों ने कस्बे से लेकर गांव-गांव स्थित किराने की दुकानों में सेटिंग कर रखी है। अच्छी कमाई होने के कारण गांवों के दुकानदार भी नकली तेल को प्राथमिकता देते हैं। लेकिन इधर बीच अमर उजाला नकली सरसों तेल के कारोबार के खिलाफ लगातार खबरें प्रकाशित कर रहा है। इसका असर रहा कि कारोबारियों ने बुधवार की रात अपना स्टॉक कस्बे से बाहर भेज दिया। सूत्रों की माने तो कारोबारियों ने नकली तेल के स्टॉक को म्योहर समेत कस्बे के कई नजदीकी गांवों में स्थित एक महफूज ठिकाने पर डंप करवा दिया है। माना जा रहा है कि मामला शांत होते ही कारोबारी अपना माल उठवा लेंगे। विभाग के जिम्मेदार हैं कि उन्हें इन काले कारोबारियों के खिलाफ शिकंजा कसने की फुरसत तक नहीं है।
सराय अकिल कस्बे में नकली सरसों तेल की भरमार है। लेकिन मामला जांच पर अटक जाता है। यह काम खाद्य सुरक्षा विभाग का है। पकड़े गए नकली सरसों तेल के साथ मिले केमिकल को पुलिस जांच के लिए भेजवाना चाह रही थी लेकिन विभाग के जिम्मेदार ने केमिकल को जांच में भेजने से मना करते हुए उसे अपने कब्जे में ले लिया है। ऐसे में पुलिस सीधे कार्रवाई नहीं कर सकती।
उमेश सिंह, चौकी इंचार्ज सराय अकिल
सराय अकिल कस्बे में नकली सरसों तेल पकड़ा गया। तेल का सैंपल जांच के लिए भेज दिया गया है। केमिकल कोई खाद्य पदार्थ नहीं है। यदि तेल में मिलावट होगी तो रिपोर्ट में साफ हो जाएगा। रिपोर्ट आते ही संबंधित के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
राम अशोक यादव, डीओ खाद्य सुरक्षा