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पुलिस कमा रही माल, जिले में फैला नशे का जाल

Tue, 31 May 2016 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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crime
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 जिले के युवा नशे के जाल में फंस रहे हैं। नशे के सौदागर रोजाना मादक पदार्थ की खेप ठिकानों पर उतार रहे है। अफसरों की हिदायत और चेतावनी के बाद भी जिम्मेदारों के कानों तले जूं नहीं रेंग रही है। प्रति माह 50 से 60 क्विंटल गांजे की जिले में खपत की जा रही है। भांग की दुकानों पर गांजे की बिक्री धड़ल्ले से हो जा रही है। मोटी रकम बंधी होने के कारण जिम्मेदार भी खामोशी अख्तियार किए हुए है।
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दोआबा की 17 लाख आबादी में भांग की 46 दुकानें संचालित की जा रही है। इन दुकानों पर भांग के साथ गांजे की धड़ल्ले से बिक्री की जाती है। दुकानों में गांजा कहां से आता है और इसका सौदागर कौन है। इस बावत आबकारी विभाग के जिम्मेदार खामोश बैठे हुए हैं। अफसरों की चेतावनी के बाद भी जिले में मादक पदार्थ की तस्करी करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। सूत्रों की माने तो जिले में संचालित भांग की 46 दुकानों पर प्रति माह 50 से 60 कुंतल गांजे की बिक्री होती है। युवा जमात गांजे की कश ले रही है। एसपी ने जिम्मेदारों को चेताया है कि यदि जिले में मादक पदार्थ की तस्करी और बिक्री हुई तो जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा।

खाकी की सूची से गायब हुए तस्कर
 पुलिस महानिरीक्षक के निर्देश के बाद जिले की पुलिस ने कुछ नामी गिरामी गांजा के तस्करों को सूचीबद्ध किया था। पुलिस रडार पर लेने के बाद इन पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई इसे लेकर तमाम तरह की चर्चाएं है।
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हाईवे के ढाबे बने तस्करों के अड्डे
 हाईवे पर संचालित ढाबों पर मादक पदार्थ की खेप उतारी जाती है। यहां के बाद तस्कर उसे लक्जरी गाड़ियों में लादकर ठिकाने तक पहुंचा देते है। बताया जा रहा है रात 12 बजे के बाद ट्रकों से गांजे की खेप हाईवे पर उतरती है।

क्या कहते है एसपी
जिले में मादक पदार्थ की बिक्री और तस्करी पर रोक लगाए जाने के लिए सभी थानेदारों को निर्देश दिया गया है। यदि भांग की दुकानों पर गांजे की बिक्री और तस्करी की जा रही है तो अभियान चलाकर कार्रवाई कराई जाएगी।
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वीके मिश्र
पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी
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