सरायअकिल कस्बा नकली खाद्य तेल के कारोबार का गढ़ बन चुका है। कस्बे में अवैध कारोबार से जुड़े दर्जन भर कारोबारी उपभोक्ताओं को बीमारी परोसकर दिन दूना रात चौगुना तरक्की कर रहे हैं। फूड इंस्पेक्टर हैं कि कार्रवाई करने के बजाए चुप्पी साधे हुए हैं। चर्चा है कि नकली तेल के कारोबारी नीचे से लेकर ऊपर तक अफसरों की जेब गरम कर रहे हैं।
सराय अकिल कस्बे में सरसों के तेल का अवैध कारोबार अर्से से चल रहा है। सूत्रों की माने तो कारोबारी बाहर से नकली तेल टैंकर में मंगाते हैं। टैंकर में आने वाला तेल गाढ़ा होता है। यह किस चीज का तेल है इसका किसी को पता नहीं रहता। टैंकर से आए तेल को ड्रम में उतारकर कारोबारी अपने-अपने स्टॉक में डंप करते हैं। इसके बाद उसमें ऐसा केमिकल डालते हैं जिससे गाढ़ा तेल पतला होने के साथ-साथ सरसों के तेल जैसा झाग देने लगता है।
इसके बाद इस तेल को विभिन्न कंपनियों के नकली डिब्बों और रैपर में भरकर दुकानों पर पहुंचा देते हैं। इसी तेल को कस्बे के दुकानदार उपभोक्ताओं को बेंचकर खरी कीमत वसूल करते हैं। सरसाें के तेल के अवैध कारोबार से उपभोक्ताओं को दोहरी मार झेलनी पड़ती है। एक तो अखाद्य तेल के लिए उन्हें सरसों के तेल की कीमत अदा करनी पड़ती है तो दूसरी ओर उन्हें आए दिन चिकित्सकों की शरण में जाना पड़ता है।
उधर खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम है कि वह क्षेत्र का भ्रमण कर नमूना तो लेती है पर किसी कारोबारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती। इनकी मिली भगत से कारोबारी बेखौफ होकर कस्बे में धंधे को अंजाम दे रहे हैं। रविवार को गांजे की छापेमारी के दौरान मिले हजारों लीटर अखाद्य तेल को देख एसडीएम चायल सकते में है।
नकली सरसों के तेल के धंधे को अंजाम देने के लिए कारोबारी कंपनियों के डिब्बे और रैपर का सहारा तो लेते ही हैं साथ ही कोल्हू लगा रखे लोग भी इसमें शामिल हैं। कोल्हू से सरसों की पेराई कर तेल निकालने वाले इस तेल को असली बताकर मोटी रकम वसूल करते हैं। सूत्रों की माने तो कोल्हू लगा रखे लोग नकली तेल को 90 से 95 रुपये लीटर उपभोक्ताओं को बेंचते हैं। वहीं यदि कोई उपभोक्ता आंख के सामने निकाले जा रहे सरसों तेल को मांगता है तो उससे 110 रुपये किलो की कीमत वसूल की जाती है। एक ही कोल्हू पर दो रेट का मिल रहा तेल इस बात का साफ खुलासा करता है कि कहीं न कहीं कम कीमत में मिलने वाला तेल मिलावटी है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी चायल रोशन यादव की टीम कस्बे में कई बार छापेमारी कर चुकी है। सूत्रों की माने तो टीम ने कई दुकानों से मिलावटी तेल समेत कई खाद्य पदार्थों का नमूना भी एकत्रित किया लेकिन नमूना मिलते ही उनकी सेटिंग कारोबारी से हो जाती है। सेटिंग होने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी नमूने को लेकर तो साथ आते हैं पर जांच के लिए कभी नहीं भेजते। इसके बाद उन्हें कारोबारी से हर माह तय रकम मिलती रहती है। यही कारण है कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम जिले भर में छापेमारी कर काले कारोबार पर हाथ तो डालती है पर कार्रवाई किसी भी कारोबारी के खिलाफ नहीं होती।
कस्बे में तेल के कारोबारियों ने हजारों लीटर नकली सरसों तेल स्टाक में डंप कर रखा है। सूत्रों की माने तो सराय अकिल चंद्रशेखर पार्क से सोनारन टोला गई गली में स्थित मांस की दुकान के पास हजारों लीटर नकली तेल डंप है। इसी तरह कस्बे के शगुन गेस्ट हाउस के पास दूसरे कारोबारी ने भारी स्टॉक रखा हुआ है। ऐसा नहीं है कि इस काले कारोबार की जानकारी स्थानीय पुलिस, खाद्य सुरक्षा अधिकारी को नहीं है। कारोबारियों से साठगांठ के चलते सबकुछ बेखौफ चल रहा है।
नकली खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए तहसीलवार तीन अधिकारी लगाए गए हैं। सराय अकिल में मिले नकली तेल के नमूने के बाद टीम को और सक्रिय कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राम अशोक यादव, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी