अध्यक्ष के साथ आकर डीएम, एसपी को घेरा, गिरफ्तारी की मांग
सड़क के किनारे से अतिक्रमण हटाने को चले अभियान से बौखलाए कब्जेदारों ने रविवार की रात दफ्तर से घर जा रहे भरवारी नगर पंचायत के एक कर्मी को दबोचकर पीट दिया। घटना से पंचायतकर्मियों का सोमवार को गुस्सा फूट पड़ा। कर्मचारियों ने कामकाज ठप करके कस्बे में जलापूर्ति रोक दी। भीषण गर्मी के मौसम में पानी की सप्लाई ठप रहने से कस्बे में दिनभर हाहाकार मचा रहा। हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कर्मचारियों ने पंचायत अध्यक्ष के साथ डीएम, एसपी का घेराव किया।
कौशाम्बी के कस्बे और बाजारों को अतिक्रमणमुक्त बनाने के लिए डीएम ने अभियान छेड़ा है। रविवार को इसकी शुरूआत भरवारी कस्बे से हुई। जिलाधिकारी के निर्देश पर रविवार को भारी फोर्स की मौजूदगी में प्रशासनिक अमले ने कस्बे में सड़क पटरी और नाले पर हुए कब्जे को हटवाया। इस दौरान सड़क के दायरे में बने करीब 200 मकानों की सीढ़ियां, बारजा, चबूतरा, पिलर, टीनशेड आदि गिराए गए। दिनभर चला अभियान शाम को खत्म होने के बाद नगर पंचायत में तैनात जलकल लिपिक कृष्ण कुमार घर जा रहा था। आरोप है कि रेलवे क्रासिंग के पास उसे रोककर कस्बे के गौरा रोड मोहल्ला निवासी सुरेशचंद्र केसरवानी के तीन बेटों संजय कुमार, सानू उर्फ सुशील कुमार केसरवानी और मिथुन कुमार ने हमला कर दिया। पिटाई से पंचायतकर्मी लहूलुहान हो गया। सरेराह लिपिक पर हुए हमले से कस्बे में हड़कंप मच गया। चीख-पुकार पर लोगों के दौड़ने पर हमलावर भाग निकले। मामले में लिपिक की तहरीर पर पुलिस ने तीनों हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। उधर, लिपिक पर हुए हमले से पंचायत कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार को कर्मचारियों ने हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कामकाज ठप कर दिया। जलापूर्ति ठप होने से गर्मी के मौसम में लोग परेशान हो उठे। हड़ताली कर्मचारी पंचायत अध्यक्ष संजय गुप्ता के साथ मंझनपुर पहुंचे और डीएम, एसपी का घेराव किया। प्रार्थनापत्र देकर हमलावरों की गिरफ्तारी और कर्मियों की सुरक्षा की मांग की। जिलाधिकारी ने हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा अध्यक्ष और कर्मचारियों को दिलाया। इसके बाद कर्मचारी काम पर लौटे। मौके पर बृजेश कुमार मिश्र, पंकज कुमार, राकेश सरोज, बब्लू गौतम, रजनी सरोज, माया देवी, लवकुश कुमार, रमेश कुमार, मनोज कुमार आदि कर्मी मौजूद रहे।