महेवाघाट के सरसवां के मासूम सुधाकर की अपहरण कर पड़ोसी ने हत्या कर दी थी। आरोपी ने पीड़ित परिजनों से दो लाख की फिरौती मांगी थी। अपर जिला जज इफ्तेखार अहमद ने प्रकरण में फैसला सुनाते हुए हत्यारे को आजीवन कारावास और 60 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
सरसवां निवासी राधेश्याम का नौ वर्षीय बेटे सुधाकर उर्फ पुजारी का 3 मार्च वर्ष 2011 का घर के बाहर से खेलते समय अपहरण हो गया था। परिजनों ने खोजबीन की लेकिन उसका पता नहीं चला। शाम पांच बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने राधेश्याम के भतीजे भूपेंद्र के मोबाइल पर फोन करके दो लाख रुपये की फिरौती मांगी साथ ही चेतावनी दी कि यदि किसी से शिकायत की तो बच्चे को जान से मार दिया जाएगा। सूचना पर पुलिस सक्रिय हुई।
सर्विलांस की मदद से पुलिस ने पड़ोसी दिनेश पुत्र रामनारायण को धर दबोचा। पूछताछ के दौरान दिनेश ने रुपये के लिए अपहरण कर मासूम की हत्या करने का जुर्म कुबूल किया। पुलिस ने दिनेश की निशानदेही पर उसके घर से जमीन में गड़े सुधाकर के शव को बरामद किया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। सोमवार को अपर जिला जज इफ्तेखार अहमद ने प्रकरण की सुनवाई की। शासकीय अधिवक्ता तीरथ सिंह यादव ने वादी समेत आठ गवाहों को परीक्षित कराया। उभय पक्षों को सुनने के बाद अपर जिला जज ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। आरोपी दिनेश पर दोष सिद्ध होने पर अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही 60 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।