कोखराज के अमहा गांव में एक नेता के ईंट-भट्ठे में बुधवार की रात मां-बेटी आग की चपेट में आने से झुलस गई। चीख-पुकार सुन मौके पर भीड़ जमा हो गई। ढिबरी गिरने से पुआल में आग लगने की बात सामने आ रही है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल के बाद आग से झुलसी मां-बेटी को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। डाक्टरों ने हालत गंभीर देख दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया है।
कोखराज थाना क्षेत्र के नबीपुर गांव निवासी राकेश कुमार मजदूर है। वह परिवार के साथ एक नेता के ईट भट्ठे में पथाई का काम कर रहा है। बुधवार को वह गांव चला गया। ईट भट्ठे में उसकी पत्नी उर्मिला देवी (38), मासूम बेटी छोटी (03) के साथ झोपड़ी में सो रही थी। बताया जा रहा है कि रात अचानक मां-बेटी झोपड़ी में आग का गोला बन गई। मां-बेटी की चीख सुन साथी मजदूर भागकर मौके पर पहुंचे और मां-बेटी को आग से बचाते हुए घटना की जानकारी भट्ठा संचालक को दी।
चर्चा है कि रात झोपड़ी में रखी ढिबरी अचानक गिर गई थी। जिससे झोपड़ी में पड़े पुआल में आग लगी। गृहस्थी बचाने के चक्कर में मां-बेटी आग की चपेट में आ गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आग से झुलसी मां-बेटी को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को इलाहाबाद रेफर कर दिया।