चौबीस घंटे के भीतर जिला अस्पताल में एक और प्रसूता ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। महिला के बच्चे की मौत शनिवार को एक निजी अस्पताल में हो गई थी। बच्चे की मौत के बाद महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां रविवार को जिला अस्पताल में इलाज के दौरान महिला ने भी दम तोड़ दिया। महिला के परिजनों का आरोप है कि चिकित्सकों की लापरवाही से यह मौत हुई है। इससे परिजनों में आक्रोश है।
सिराथू तहसील क्षेत्र के बड़ी सौंरई गांव की मिथलेश कुमारी (32) पत्नी जयसिंह पटेल गर्भवती थी। शनिवार शाम को प्रसव पीड़ा पर परिवार के लोग उसे क्षेत्र के एक निजी अस्पताल लेकर गए। वहां उसको भर्ती कराया। प्रसव के दौरान मृत बच्चा पैदा हुआ। इससे मिथलेश की हालत बिगड़ गई। रविवार को महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। करीब 11 बजे उसको जिला अस्पताल लाया गया। मगर यहां समय से चिकित्सक नहीं मिले। महिला के परिजन चिकित्सकों को खोजते रहे लेकिन कोई भी चिकित्सक मिथलेश को देखने नहीं पहुंचा जबकि इसकी रिपोर्ट इमरजेंसी वार्ड के चिकित्सकों को दे दी गई थी। इसके बाद भी महिला को देखने कोई नहीं आया। नतीजतन महिला ने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया। इससे परिजनों में रोना-पीटना मच गया।
महिला की मौत होते ही भाग निकला चिकित्सक
बड़ी सौंरई गांव की मिथलेश को प्रसव पीड़ा होने पर उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बच्चे की मौत होने के बाद चिकित्सक अपने निजी वाहन से महिला को जिला अस्पताल लेकर आया था। यहां इलाज के दौरान उसकी जब मौत हो गई तो चिकित्सक परिजनों को छोड़कर अपनी कार लेकर भाग निकला। परिजन उसको खोजते रहे लेकिन वह नहीं मिला।