बल्लभ राम सालिग राम मेहता ट्रस्ट कोलकाता द्वारा भरवारी कस्बे एवं इससे जुड़े राजस्व गांवों में फर्जीवाड़ा करके 102 बीघा बेशकीमती सरकारी एवं ग्राम सभा की भूमि अपने नाम दर्ज कराए जाने का मामला प्रकाश में आया है। डीएम के निर्देश पर कराई गई जांच में एसडीएम सिराथू और एसडीएम चायल ने इस फर्जीवाड़े की कलई खोलने वाली रिपोर्ट सौंप दी है।
बता दें कि भरवारी कस्बे में भवंस मेहता विद्या आश्रम एवं डिग्री कालेज की स्थापना कई दशक पूर्व बल्लभराम सालिग राम मेहता ट्रस्ट कोलकता द्वारा किया गया है। इस ट्रस्ट के नाम परसरा ग्राम सभा में 65 बीघा, सिंघिया में 17 बीघा एवं रसूलपुर गिरसा में 20 बीघा भूमि राजस्व अभिलेख में दर्ज चली आ रही है। इस बेशकीमती भूमि की कीमत तकरीबन एक अरब 25 लाख रुपये बताई जा रही है। डीएम अखंड प्रताप सिंह को सूत्रों से पता चला था कि मेहता ट्रस्ट के नाम फर्जीवाड़ा करके अरबों की बेशकीमती भूमि दर्ज करा ली गई है।
डीएम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम सिराथू और एसडीएम चायल को जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश गत दिनों दिया था। जानकारों का कहना है कि दोनों एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट में पाया गया है कि जो भूमि ट्रस्ट के नाम दर्ज है। वह पूर्व में तालाब, चारागाह की सुरक्षित भूमि सरकारी अभिलेखों में वर्ष 1320 फ के नाम से दर्ज चली आ रही थी। दौरान चकबंदी बिना किसी सक्षम न्यायालय, अथवा प्राधिकारी के आदेश उक्त भूमि में ट्रस्ट का नाम अमलदरामद दर्शा कर दर्ज करा लिया गया है।
इसी प्रकार गांव सभा की बंजर भूमि पर भी बड़े पैमाने पर फर्जी ढंग से प्रविष्टि करा दी गई है। फर्जीवाड़े से अरबों रुपये का भूमि घोटाला पकड़े जाने से प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है। लोग जानकार हैरान हो रहे हैं कि ट्रस्ट वालों ने इतनी चालाकी के साथ ख्ेाल किया कि किसी को भनक तक नहीं लग पाई।
डीएम अखंड प्रताप सिंह ने मेहता ट्रस्ट द्वारा फर्जी तरीके से हड़पी गई 102 बीघा बेशकीमती भूमि को मुक्त कराने का फरमान जारी कर दिया है। डीएम के इस फरमान के बाद एसडीएम सिराथू विवेक चतुर्वेदी एवं एसडीएम चायल अविनाश श्रीवास्तव ने अपने यहां धारा 33/39 एलआर एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। मुकदमा पंजीकृत होने के बाद भवंत मेहता ट्रस्ट से जुड़े जिम्मेदारोें को न्यायिक नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा गया है।