सिराथू (कौशाम्बी)। सैनी कोतवाली के नज्जू का पुरा गांव की विवाहिता गीता देवी (30) की बुधवार की सुबह संदिग्धदशा में मौत हो गई। घर के भीतर उसकी लाश फंदे से लटकती मिली। मायकेवाले दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाया है। वहीं घटना के बाद से ससुराल के लोग घर से फरार है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसओ ने बताया कि प्रकरण की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सैनी कोतवाली क्षेत्र के चकसैनी गांव निवासी बच्चालाल की बेटी गीता की शादी छह साल पहले नज्जू का पुरवा गांव में रजरू से हुई थी। बुधवार की सुबह उसकी संदिग्धदशा में मौत हो गई। कमरे में उसकी लाश फंदे से लटकती मिली। इसकी भनक लगते ही आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पिता बच्चालाल और मायके से परिवार के अन्य सदस्य भी रोते-बिलखते आए।
पिता ने शव देखते ही ससुराल के लोगों पर दहेज के लिए गीता को मार डालने का आरोप लगाया। उसका कहना है कि हत्या को आत्महत्या दर्शाने के लिए ही शव को फंदे से लटकाया गया है। बच्चालाल की मानें तो शादी के बाद से ही दहेज के लिए उसकी बेटी को परेशान किया जा रहा था। इसे लेकर बिरादरी की पंचायत भी हुई थी। बताया कि पंचायत के बाद ससुराल के लोगों ने दहेज के लिए दुबारा कभी प्रताड़ित नहीं करने का वादा भी किया था। पर, कुछ दिन बाद ही फिर से गीता को परेशान किया जाने लगा था। वहीं, घटना के बाद से ही ससुराल के सभी लोग घर से फरार भी हैं।