मंझनपुर। कौशाम्बी मादक पदार्थों की तस्करी का अड्डा बन गया है। दूसरे राज्यों और जिलों से बड़े पैमाने पर यहां गांजा, अफीम जैसे मादक पदार्थों के खेप आ रही है। कई बार धरपकड़ में इसका खुलासा भी हुआ है। बावजूद इसके पुलिस जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक नहीं लगा पा रही है। इसके चलते तस्करी करने वालों के हौसले बढ़े हुए हैं।
कौशाम्बी में मंझनपुर, करारी, सिराथू, भरवारी, मूरतगंज, अजुहा, सरायअकिल, चायल, चरवा समेत भांग की 46 सरकारी दुकानें संचालित हैं। इन्हीं सरकारी दुकानों की आड़ में मादक पदार्थ गांजा, अफीम आदि की भी बिक्री धडल्ले से हो रही है। इन सरकारी दुकानों पर गांजा की खेप दूसरे राज्य और जनपदों से लाकर तस्कर पहुंचाते हैं। इसका भी खुलासा आए दिन पुलिस की कार्रवाई में हो रहा है। बताया जा रहा है कि मादक पदार्थ के तस्कर गांजे की खेप बिहार, झारखंड आदि राज्यों से लाते है। जानकारी होने के बाद भी कौशाम्बी पुलिस अब तक मादक पदार्थ के धंधे से जुड़े स्थानीय लोगों तक नहीं पहुंच सकी है। सूत्रों की माने तो जिले में प्रति माह 50 से 60 कुंतल गांजे का धंधा गैर जनपदों और दूसरे राज्यों से हो रहा। इसमें आबकारी विभाग के साथ इलाकाई पुलिस की भूमिका हमेशा सवालों के घेरे में रही है।