महेवाघाट थाना क्षेत्र के सरसवां प्रधानपति के घर पर रह रहे एक अधेड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लग गई। उसे गंभीर दशा में इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने हालत गंभीर देख इलाहाबाद रेफर कर दिया। इलाहाबाद में इलाज के दौरान रात में मौत हो गई। पुलिस ने शव अपने कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया है।
महेवाघाट थाना क्षेत्र के सरसवां गांव में प्रधानपति पवन कुमार मौर्या के घर पर राम भरोस लोध(55) पुत्र बच्ची लाल रहा करता था। ताजे घटनाक्रम में बताते हैं कि रविवार सुबह 9 बजे उसे संदिग्ध परिस्थितियों में गोल लग गई। उसे इलाज के लिए गुपचुप तरीके से जिला अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों ने उसे एसआएएन रेफर कर दिया। बताते हैं कि स्वरूप रानी अस्पताल में इलाज के दौरान रात तकरीबन 8 बजे राम भरोस की मौत हो गई। सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया है। एसओ उमाशंकर यादव का कहना है कि अभी तक किसी की ओर से तहरीर नहीं मिली है। पुलिस घटना की तहकीकात शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि दाल में कुछ काला जरूर है। यही कारण है कि घटना को पुलिस से छिपाया जा रहा था। अधेड़ की मौत के लिए जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कानून अपना काम करेगा।