पश्चिमशरीरा गांव के दो युवकों की सोमवार की सुबह गुजरात के जामनगर मेें मौत हो गई। सुबह रंग खेलने के बाद युवक साथियों के साथ नजदीक के तालाब में नहाने के लिए गए थे। जहां गहरे में पानी में डूबने से मौत हो गई। देर शाम युवक के मौत की खबर परिजनों को मिली तो घर परिवार में कोहराम मच गया।
पश्चिमशरीरा गांव निवासी बच्चा लाल (19) पुत्र रामदास दो साल पहले गांव के साथी रामू उर्फ रन्नू (20) पुत्र ननकू के साथ कमाई करने के लिए गुजरात के जामनगर गए थे। जहां दोनाें पीतल गलाई का काम करते थे। सोमवार को बच्चा, रन्नू और गांव का ही कल्लू रंग खेलने के बाद नजदीक के एक तालाब में नहाने गए थे। नहाने वक्त बच्चा और रन्नो गहरे पानी में जाकर डूब गए। साथियों को तालाब में डूबता देख कल्लू शोर मचाते हुए कालोनी पहुंचा।
जब तक अन्य साथी युवकों को बचाने के लिए तालाब किनारे पहुंचे वह तालाब में समा चुके थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से शवों को तालाब के बाहर निकालते हुए घटना की जानकारी परिजनों को दी। युवकाें के मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार के लोग शव लाने के लिए जामनगर के लिए देर शाम रवाना हुए। बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार को शव गांव आने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। युवकों की मौत से परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है।
तालाब के गहरे पानी में समाई ख्वाहिशें
गरीबी की दहलीज से निकलने की ख्वाहिशें बच्चा और रामू के साथ तालाब के गहरे में पानी में समा गई। दो साल पहले पश्चिमशरीरा के यह युवक साथियों के साथ कमाई करने के लिए गुजरात के जामनगर गए थे। बेटों के परदेश जाने के बाद बूढे़ मां-बाप बेटों के घर लौटने की आस लगाए बैठे थे। बेटे तो घर नहीं लौट पर उनके मौत की खबर सोमवार की शाम उन्हें जरूर मिली।
पश्चिमशरीरा गांव निवासी बच्चा लाल (19) पुत्र रामदास तीन भाईयों में सबसे छोटा था। दो भाई परिवार के साथ अलग रहते थे। बच्चा बूढ़े मां-बाप का सहारा था। वहीं गांव का रामू (20) पुत्र ननकू भी दो भाईयों में छोटा था। पिता की मौत के बाद वह बूढ़ी मां की सेवा कर रहा था। गरीबी का दंश झेल रहे बच्चा और रामू ने गांव के पड़ोसी युवकों को कमाई करता देख उन पर कमाई का जुनून दिखा। दो साल पहले दोनों गांव के युवकों के साथ कमाई करने के लिए गुजरात के जामनगर चले गए। ख्वाहिशें थी कुछ बनकर ही गांव चलेंगे। सोमवार को साथियों के साथ होली की मस्ती करने के बाद वह तालाब नहाने चले गए। उन्हें क्या पता था कि जिस तालाब पर वह नहाने के लिए जा रहे है वहां मौत उनका इंतजार कर रही है। दोनों युवकों की ख्वाहिशें तालाब के गहरे में पानी में सिमट गई।