सैनी कोतवाली के कड़ा में स्थित राजा जयचंद्र के किले से रविवार दोपहर पुरातत्व विभाग के गार्ड को शोहदों ने गंगा नदी में फेंक दिया। छेड़खानी का विरोध करने पर शोहदे घटना को अंजाम देकर भाग निकले हैं। मछुआरों ने गार्ड को किसी तरह गंगा नदी से बाहर निकाला। गार्ड को गंभीर हालत में जिला अस्पताल से इलाहाबाद के एसआरएन अस्पताल रेफर किया गया है।
कड़ा निवासी भरत लाल (28) पुत्र रामबदन को पुरातत्व विभाग ने राजा जयचंद्र के किले की देखरेख के लिए बतौर गार्ड नियुक्त कर रखा है। भरत लाल सुबह से शाम तक राजा जयचंद्र किले की निगरानी करता है। इस किले को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं। रविवार को किले में दो बाइक से चार युवक किला घूमने पहुंचे। वहां एक युवती अपने किसी परिचित के साथ पहले से मौजूद थी। युवकों ने युवती को देखा तो उससे छेड़खानी शुरू कर दी। युवती ने शोर मचाया तो गार्ड भरत लाल वहां भागकर पहुंचा। गार्ड ने डांट कर युवकों को किले से नीचे उतरने को कहा। इसी बीच युवती अपने परिचित के साथ किले से नीचे उतरकर बाइक से चली गई।
उधर गार्ड भरत लाल को युवकों ने घेरकर पकड़ लिया। गार्ड ने भागने का प्रयास किया तो उसको मारापीटा और किले के बुर्ज से गंगा नदी में उठाकर फेंक दिया। करीब डेढ़ सौ फिट ऊपर से नीचे गिरे भरत लाल की हालत गंभीर हो गई। नाव से घूम रहे मछुआरों ने गार्ड को देखा तो उसे आनन-फानन में लादकर बाहर लाए और सूचना परिजनों को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हालत नाजुक होने पर गार्ड को इलाहाबाद के एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया है। सैनी कोतवाल राकेश चौरसिया का कहना है कि गार्ड को फेंका गया है। हालत गंभीर है। परिजनों से तहरीर मांगी गई है। किले के समीप रहने वाले लोगों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी कौन हैं?