दोआबा में हाडकंपाऊ ठंड जानलेवा बनी है। पछुआ हवा के साथ कोहरे की घनी चादर के कारण शीत लहर थमने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को ठंड की जद में आने से रिटायर्ड शिक्षक समेत चार लोगों की मौत हो गई। परिजनों ने शवों का अंतिम संस्कार कर दिया है।
पखवारे भर पछुआ हवा के साथ कोहरे की धुंध छाई हुई है। लोग सूर्यदेव के दर्शन के लिए टकटकी लगाए बैठे हैं। एकाएक पारा में गिरावट आने से शीत लहर के साथ गलन भरी ठंड से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शहर कस्बों के साथ गांवों में भी सन्नाटा छाया है।
लोग दिन-रात बिस्तर में दुबक ने को मजबूर हैं। गलन भरी ठंड कातिल बनी है। सिराथू तहसील के गांधी नगर अजुहा निवासी सत्यनारायण (60) रिटायर्ड शिक्षक थे। शुक्रवार सुबह अलाव तापते हुए वह अचानक कांप उठे। घरेलू उपचार के बाद घर वाले जब तक उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाते सांसें थम चुकी थी।
इसी कस्बे के इंद्रानगर मोहल्ला निवासी होरीलाल (55) भी शुक्रवार को ठंड की चपेट में आ गए। परिजन उन्हें इलाज के लिए ले जाते कि इससे पहले ही उनकी मौत हो गई। इसी तरह कोखराज थाना क्षेत्र के गरीब का पुरवा गांव में शुक्रवार सुबह ठंड की चपेट में आने से सोनेलाल (40) पुत्र रामदुलारे और सिपाही लाल (55) पुत्र भुलई की ठंड लगने से मौत हो गई।
बताते चलें कि कौशाम्बी में एक पखवारे के भीतर ठंड की चपेट में आने से करीब दो दर्जन से अधिक लोग काल के गाल में समा चुके हैं। दोपहर बाद परिजनों ने शवों का अंतिम संस्कार कर दिया।