बारा। क्षेत्र के नरेंद्र बारा गांव का 11 दिनों से लापता ललई की हत्या कर दी गई है। बृहस्पतिवार की रात गढ़वा गांव के समीप ग्रामीणों ने उसकी लाश यमुना नदी से बरामद की। ललई की हत्या उसके ही उस दोस्त सोनपाल ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर की है, जिसके पास उसने जमीन बिक्री का नौ लाख रुपये रखा था। मृतक के चचेरे भाई समेत परिवार के लोग पहले ही सोनपाल पर अपहरण और हत्या की आशंका जता रहे थे। पुलिस ने रिपोर्ट लिखकर दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस का दावा है कि पकड़े गए व्यक्तियों ने अपना गुनाह भी कबूल कर लिया है।
कौशाम्बी कोतवाली क्षेत्र के नरेंद्र बारा गांव निवासी ललई (55) के कोई बेटा नहीं है। पांच बेटियों में चार बेटी की शादी हो चुकी है। छोटी बेटी की भी शादी की कोशिश में वह लगा था। इधर, कुछ समय पहले उसने अपने हिस्से की तीन बीघा जमीन नौ लाख रुपये में बेची थी। बताया जाता है कि जमीन बिक्री से मिला सारा पैसा उसने उरई अशरफपुर गांव के अपने साथी सोनपाल को रखने के लिए दे रखा था। इसी बीच नौ फरवरी को वह अचानक लापता हो गया था। देर शाम तक उसके घर नहीं लौटने पर परिजन परेशान हो गए।
उसकी खोजबीन की गई, लेकिन सुराग नहीं लगा। देर शाम उसके चचेरे भाई राम खेलावन ने घटना की जानकारी कौशाम्बी पुलिस को दी। इसमें उसने सोनपाल पर ही अपहरण और हत्या की आशंका जाहिर की थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। वहीं परिवार के लोग उसकी खोजबीन में जुटे रहे। बृहस्पतिवार को भी परिजन गांववालों के साथ चार नाव लेकर आशंकावश यमुना में खोजबीन कर रहे थे, तभी ग्रामीणों को गढ़वा घाट पर ललई की सड़ चुकी लाश मिली।
सूचना पर आई पुलिस ने जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही दबिश देकर सोनपाल और उसके एक साथी को धरदबोचा। एसओ शिवआसरे ने बताया कि पूछताछ के दौरान सोनपाल ने गुनाह कबूल कर लिया है। उसने बताया कि चित्रकूट दर्शन के बहाने ललई को ले जाकर उसने महेवाघाट के समीप नौ तारीख की रात ही नशीला पदार्थ खिलाकर मार डाला था। साथ ही शव नदी में फेंक दिया था। सोनपाल ने बताया कि इस हत्या में उसके साथ दो अन्य लोग भी शामिल थे। यह हत्या उसने जमीन बिक्री से मिले नौ लाख रुपये डकारने की नीयत से ही की है।