विधान सभा चुनाव के दौरान भाजपा का एक ही नारा था कि भयमुक्त समाज देंगे, सुशासन लाएंगे। मगर पहले से भी कहीं ज्यादा अपराध बढ़ गए हैं। एक महीने के भीतर दो छात्राओं ने छेड़खानी के बाद आत्महत्या कर लीं। दो मासूम बच्चियों से रेप हुआ। फालोवर ने अश्लील मैसेज भेजने का विरोध करने पर मां-बेटी को पीटा।
छेड़खानी की शिकार छात्रा का एसपी दफ्तर के समीप से अपहरण हो गया। यह घटनाएं बताती हैं कि अपराधियों पर पुलिस का कोई खौफ नहीं है। वे बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। एक महीने के भीतर प्रदेश की चर्चित घटनाएं कौशाम्बी में हुईं। इससे बहू-बेटियां खौफजदा हो गई हैं।