द्वाबा के बाशिंदे हर महीने करोड़ों की बिजली चोरी कर रहे हैं। इसके चलते नौ महीने के दौरान विभाग को 22 करोड़ से अधिक का घाटा लग चुका है। इस अवधि में 70 करोड़ की बिजली खरीद विभाग ने महज 48 करोड़ की वसूली की है। इसकी भरपाई के लिए विभाग अब संसाधनों को मजबूत करने के साथ ही मुफ्त कनेक्शन बांटने की कवायद कर रहा है।
जिले के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में तकरीबन सवा दो लाख परिवार हैं। इनमें से जिन गांवों, नगरों में विद्युतीकरण है वहां के कम से कम दो तिहाई परिवार वैध अथवा अवैध रूप से बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके सापेक्ष महज एक लाख दस हजार परिवारों ने ही घेरलू अथवा कामर्शियल विद्युत कनेक्शन ले रखा है। इसका खुलासा खर्च हो रही बिजली से हुआ।
विभागीय आकड़ों के मुताबिक इस सत्र में अप्रैल से 31 दिसंबर के बीच जिले में 465 मिलियन यूनिट बिजली की खपत हुई। 70 करोड़ अदा कर खरीदी गई इस बिजली के सापेक्ष उपभोक्ताओं से महज 48 करोड़ का ही बिल वसूला जा सका। नौ महीने में 22 करोड़ के घाटे से साफ हो गया कि जिले के एक चौथाई उपभोक्ता चोरी से बिजली का उपभोग कर रहे हैं। इस पर नियंत्रण के लिए विभागकीय कवायद शुरू हो गई है। एक तो नंगे तारों को तारों को हटाकर एबीसी (एरिया बंच कंडक्टर) लगाए जा रहे हैं। दूसरा अवैध उपभोक्ताओं को सौभाग्य योजना के तहत मुफ्त कनेक्शन मुहैया कराए जा रहे हैं।