दहेजलोभी परिवार के फरमान से बेटी की शादी की तैयारी में जुटा चिल्ला शहबाजी गांव का एक किसान परिवार परेशान है। शादी के दो दिन पहले उससे दहेज में बाइक की मांग की गई है। चेताया गया है कि बाइक नहीं मिली, तो बारात दरवाजे नहीं पहुंचेगी। मान-मनौव्वल के बाद भी वरपक्ष जिद में अड़ा है। इससे परेशान युवती के पिता ने शादी के एक दिन पहले शनिवार को थाने में तहरीर देकर मदद की गुहार लगाई है।
चरवा के चिल्ला शहबाजी गांव का एक व्यक्ति गरीब किसान है। उसने अपनी बेटी की शादी करीब सालभर पहले सरायअकिल के खोंपा गांव में रहने वाले राम खेलावन के बेटे मंगल प्रसाद से तय की थी। 19 अप्रैल को तिलक की रस्म हुई। शादी की तारीख 24 अप्रैल रखी गई है। तिलक चढ़ाने के बाद से कन्यापक्ष के लोग शादी की तैयारियों को अंतिम रूप में देने लगे थे। इसी बीच 21 अप्रैल को युवक की मां, बहन, बहनोई आदि ने शादी में बाइक की मांग कर डाली। यही नहीं फरमान दिया कि शादी के एक दिन पहले बाइक घर पहुंच जानी चाहिए, वरना बारात नहीं पहुंचेगी। वरपक्ष की ओर से आया यह संदेश युवती के पिता पर वज्रपात से कम नहीं था। वह अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ युवक के घर पहुंचा। इज्जत की दुहाई देते हुए मान-मनौव्वल की कोशिश की। आरोप है कि उसकी कोई भी बात सुनने को वरपक्ष के लोग राजी नहीं हुए। साफ-साफ दो टूक में बाइक नहीं तो शादी नहीं का निर्णय सुना दिया। इससे आहत युवती के पिता ने शनिवार को सरायअकिल थाने में तहरीर दी। पुलिस को शिकायतीपत्र देकर कार्रवाई करते हुए बेटी का सकुशल हाथ पीला कराने की गुहार लगाई। एसओ पीके यादव ने बताया कि शिकायत की जांच कराई जा रही है। यदि दहेज के लिए बारात नहीं लाई गई, तो आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखकर उन्हें जेल भेजा जाएगा।