चरवा में हुई चंद्रपाल व उसके बेटे राजकमल की हत्या के मामले में पुलिस के हाथ अभी खाली हैं। संदिग्धों से हुई पूछतांछ में भी पुलिस को अहम जानकारी नहीं हासिल हुई है। घटना का खुलासा न होने से परिजनों में आक्रोश है। पुलिस इस मामले में चंद्रपाल की रंजिश को भी खंगाल रही है।
चरवा के रामनगर (जलालपुर शाना) निवासी चंद्रपाल व उसके बेटे राजकमल की शुक्रवार की रात चौराडीह गांव के समीप हत्या कर दी गई थी। हत्यारों ने पीट-पीट कर बाप-बेटे को मार डाला था। घटना को अंजाम देने के बाद हत्यारे शव को सड़क पर फेंक कर भाग निकले थे। मौके की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने अनुमान लगाया था कि लूट की नियत से यह घटना अंजाम दी गई है। चंद्रपाल का मोबाइल भी गायब था, लेकिन लूट नहीं हुई थी। फौरी जांच में पुलिस को यही लगा कि संभवत: पहचाने जाने के डर से हत्यारों ने पिता-पुत्र को मौत के घाट उतारा है। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस इस मामले में कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।
चंद्रपाल का किन लोगों से विवाद चल रहा था, इसका भी पता लगाया जा रहा है। घटना के खुलासे के लिए पुलिस ने कई जगहों पर दबिश दी थी। इसके अलावा कई संदिग्धों को उठाकर पूछताछ भी की थी, लेकिन पुलिस को कोई जानकारी नहीं हासिल हो सकी। चंद्रपाल का मोबाइल सर्विलांस पर लगाया गया है, लेकिन अब तक पुलिस को ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली, जिससे घटना की जांच आगे बढ़ सके। चरवा थाने की पुलिस के साथ एसओजी भी जांच पड़ताल कर रही है। गांव के लोगों से भी एसओजी टीम ने पूछताछ की है। इसके बाद भी पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं।
रिपोर्ट दर्ज होने से सहमे ग्रामीण
दोहरे हत्याकांड के बाद गुस्साई भीड़ ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। साथ ही एक दरोगा की सरकारी पिस्टल भी छीनने की कोशिश हुई थी। अधिकारियों ने किसी तरह लोगों को शांत कराया था। इसके बाद रविवार को इस मामले में दो सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ चरवा थाने में सिपाही सुरेंद्र सिंह ने मामला दर्ज कराया था। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से ग्रामीण दहशत में आ गए हैं। उन्हें डर सताने लगा है कि कब पुलिस उन्हें इस मामले में उठा ले जाए।