पांच गुना ब्याज न देने पर किसान की भैंस खोल ले जाने वाले सूदखोर के खिलाफ डीएम ने रिपोर्ट दर्ज कराने का निर्देश एसडीएम को जारी कर दिया है। यह कार्रवाई अमर उजाला के रविवार अंक में प्रकाशित खबर के बाद डीएम ने की है। रिपोर्ट दर्ज कराने का निर्देश देने के साथ ही डीएम ने ऐसे सूदखोरों की भी जांच का निर्देश दिया है जो बिना रजिस्ट्रेशन ब्याज पर रुपया देते हैं। इस कार्रवाई से जिले में हड़कंप मच गया है। कौशाम्बी थाने की पुलिस ने मामले में सूदखोर की जांच शुरू कर दी है।
कौशाम्बी थाना के खुंदमीरपुर निवासी धर्मराज विश्वकर्मा ने बड़का गढ़वा के एक दबंग से दस हजार रुपये खेती-किसानी के लिए बतौर कर्ज लिए थे। पिछले साल फसल खराब होने के कारण वह कर्ज नहीं अदा कर सका था। इस बार गेहूं की फसल कटने के बाद धर्मराज दबंग को दस हजार रुपये व डेढ़ कुंतल अनाज देने उसके घर पहुंचा तो उसने लेने से इंकार कर दिया। कहा कि उसका ब्याज 50 हजार रुपये हो गया। जब तक 50 हजार रुपये नहीं मिलेंगे, कर्ज बना रहेगा। पांच गुना रकम सुन किसान की तबीयत खराब हो गई। गुरुवार को परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। वह शनिवार को अस्पताल से घर वापस पहुंचा तो पता चला दबंग सूदखोर दरवाजे से उसकी भैंस व पड़िया जबरन अपने साथियों की मदद से खोल ले गया। इस खबर को रविवार के अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सूदखोर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर कार्रवाई करने का निर्देश एसडीएम को दिया। इसके साथ ही उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे सूदखोरों को चिह्नित करें जो बिना लाइसेंस के लोगों को ब्याज पर रुपये दे रहे हैं।
आज अधिकारियों से मिलेगा किसान
सूदखोर के चंगुल में फंसा किसान धर्मराज सोमवार को अधिकारियों से मिलेगा। धर्मराज ने बताया कि सूदखोर ने उसे प्रताड़ित करने की सारी हदें पार कर दी हैं। किसान का कहना है कि अधिकारियों से मिलकर वह इस मामले में न्याय की गुहार लगाएगा। भैंस व पड़िया खुलने के बाद से वह आहत है।