तहसील दिवस में जनसुनवाई के बाद डीएम मनीष कुमार वर्मा ने दो बालू घाटों का निरीक्षण किया। एक घाट पर एक भी मजदूर न मिलने और दो दर्जन से अधिक ट्रक खड़े होने पर उन्हें अवैध खनन की आशंका हुई। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने सभी ट्रकों को सरायअकिल थाने लाकर सीज कर दिया। डीएम के निरीक्षण से बालू घाट संचालकों में दिनभर हड़कंप रहा।
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा मंगलवार को तहसील दिवस चायल में जन समस्याएं सुनने पहुंचे। जिलास्तरीय तहसील दिवस में जनसुनवाई के बाद वह पिपरी थाने के सैदपुर घाट पहुंचे। यहां पर उन्होंने पाया कि मजदूरों से खनन कराया जा रहा है। पट्टेधारक को मौके पर बुलाकर उन्होंने मशीन से खनन करने की हिदायत दी।
यहां के बाद वह सीधे सरायअकिल थाने के कटैया बालू घाट पहुंचे। घाट पर न तो पट्टेधारक मिले और न ही एक भी मजदूर। खनन बंद होने के बाद बावजूद ट्रकों को खड़ा देख डीएम का माथा अवैध खनन की ओर खनका। उन्हें विश्वास हो गया कि कटैया घाट पर मशीन से अवैध खनन रात में कराया जा रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने खड़ी सभी 24 ट्रकों को सरायअकिल थाने लाकर सीज कर दिया। डीएम की कार्रवाई से बालू घाट संचालकों व ट्रक ड्राइवरों में हड़कंप मच गया है। इस मौके पर खनन निरीक्षक राज रंजन भी मौजूद रहे।