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फर्जी निवास प्रमाण पर जारी हुआ था लाइसेंस

Sun, 26 Mar 2017 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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कौशाम्बी
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एआरटीओ दफ्तर से फर्जी पते पर जारी हुए लाइसेंस को लेकर कई विभागों में हड़कंप मचा हुआ है। अमर उजाला ने इस फर्जीवाड़े का खुलासा किया तो एआरटीओ दफ्तर के साथ ही सिराथू तहसील प्रशासन भी लपेटे में आ गया है। आवेदक ने फर्जी निवास प्रमाण पत्र के आधार पर यह लाइसेंस जारी कराया है। अनजान शख्स से इतना बड़ा खेल कर लाइसेंस हासिल कर लिया और अधिकारी बेखबर रहे। एआरटीओ के साथ ही तहसील प्रशासन ने भी प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
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    एआरटीओ दफ्तर से अखिलेश पुत्र साहेबलाल निवासी मकान नंबर 12, मोहल्ला नेहरू नगर, पानी की टंकी भरवारी को ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया है। यह लाइसेंस 16 फरवरी को जारी किया गया है। नेहरू नगर मोहल्ला में इस नाम का कोई भी व्यक्ति नहीं रहता है। अखिलेश ने लाइसेंस के लिए फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवाया था। अखिलेश के निवास प्रमाण पत्र में मंझनपुर एसडीएम लालजी मिश्र का डिजिटल हस्ताक्षर है, जबकि अखिलेश के निवास प्रमाण पत्र पर सिराथू एसडीएम का हस्ताक्षर होना चाहिए था।

यह निवास प्रमाण पत्र इसी एक फरवरी को जारी हुआ है। अमर उजाला ने शुक्रवार को इस फर्जीवाड़े का खुलासा खबर प्रकाशित कर किया था, जिससे एआरटीओ दफ्तर में हड़कंप मच गया था। आनन-फानन में एआरटीओ शंकरजी सिंह ने आवेदक के आवेदन पत्र की जांच कराई। इसके लिए देर रात तक एआरटीओ ने दफ्तर खोले रखा, साथ ही सभी बाबुओं को बैठाए रखा। आवेदन पत्र से निवास प्रमाण पत्र मिला। इस निवास प्रमाण पत्र को जांच के लिए सिराथू एसडीएम के यहां भेजा गया है। इसी बीच एआरटीओ को पता चला कि निवास प्रमाण पत्र ही फर्जी है तो दफ्तर में सन्नाटा छा गया। बहरहाल इस मामले में एआरटीओ दफ्तर समेत सिराथू तहसील प्रशासन में खलबली मची है।
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किसने लिए पांच हजार
एआरटीओ दफ्तर के भीतर और बाहर फर्जी पते पर जारी हुए लाइसेंस को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं हैं। एजेंटों का सीधा आरोप है कि पांच हजार रुपये लेकर अखिलेश पुत्र साहेबलाल के नाम से ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया गया है। इसकी शिकायत भी सीधे उन्होंने की थी, लेकिन मामले को अधिकारी दबाकर बैठ गए थे। अब एआरटीओ यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि आखिर यह पांच हजार रुपया किस कर्मी ने लिया और कैसे लाइसेंस जारी हुआ।

आवेदन के साथ जो निवास प्रमाण पत्र लगाया गया था, उसकी जांच करवाई जा रही है। सिराथू तहसील प्रशासन को जांच के लिए निवास प्रमाण पत्र की कापी भेजी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवेदक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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शंकरजी सिंह, एआरटीओ
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