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कैदियों की मौत के बाद जेल में भूख हड़ताल

Tue, 11 Apr 2017 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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क्राइम
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जिला जेल में 15 दिन के भीतर दो बंदियों की मौत होने से कैदियों ने जेल में बगावत कर दी है। उत्पीड़न व वसूली से नाराज 70 बंदियों ने जेल के भीतर भूख हड़ताल शुरू कर दी है। बंदियों के तेवर से जेल प्रशासन के होश उड़ गए। उन्हें समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह राजी नहीं हुए।
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    जिला जेल के भीतर 15 दिन में देशराज और मोहम्मद अहमद की बीमारी से मौत हो गई। इससे बंदियों में गुस्सा था। सजायाफ्ता कैदी राजेंद्र पुत्र राजाराम बैरक 2-ए में बंद है। राजेंद्र ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि जेल के भीतर वसूली के लिए बंदियों व कैदियों का उत्पीड़न किया जाता है। पांच-पांच हजार रुपये की मांग की जाती है। एक हेड कांस्टेबल ने इसके लिए सारी हदें पार कर दी हैं। इसके अलावा इलाज की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। इससे बंदी बीमार हो रहे हैं। शिकायत पर कार्रवाई होती इससे पहले रविवार की सुबह वृद्ध कैदी छक्कन की हालत बिगड़ गई। छक्कन की हालत नाजुक बनी है।

उधर शिकायत की जानकारी होने पर एक चर्चित हेड कांस्टेबल ने राजेंद्र को मारपीट दिया। जानकारी होते ही जेल के भीतर सभी बंदी लामबंद हो गए। सोमवार की शाम से करीब 70 बंदियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। जेल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे भी लगाए। प्रभारी जेल अधीक्षक आरके सिंह ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़े हैं।। इससे जेल प्रशासन के होश उड़े हैं। बंदियों ने बागी तेवर अपना रखा है, इससे जेल की आंतरिक सुरक्षा को खतरा भी बढ़ गया है।
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उत्पीड़न व वसूली की बात निराधार है। एक कर्मचारी को लक्ष्य बनाकर इस तरह की अफवाह फैलाई जा रही है। जेल के अंदर कोई भूख हड़ताल पर नहीं है।
आरके सिंह, प्रभारी जेल अधीक्षक

मामला संज्ञान में नहीं है। यदि शिकायत के बाद भूख हड़ताल की गई है तो मामला गंभीर है। वह इस प्रकरण की एसडीएम से जांच कराएंगे। आरोप सही पाए जाते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।
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एपी सिंह, डीएम
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