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जेल में कैदी की मौत के बाद बवाल

Wed, 31 May 2017 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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कौशाम्बी
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जिला कारागार में मंगलवार की सुबह कैदी करन (30) की इलाज के दौरान मौत हो गई। जानकारी होने पर जिला अस्पताल आए परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मंझनपुर-करारी मार्ग पर महिलाओं ने चक्काजाम कर, बवाल काटना शुरू कर दिया। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो पथराव कर दिया। महिला आरक्षियों को बुलाकर पुलिस ने डंडा पटक कर महिलाओं को भगाया। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मामले की डीएम ने मजिस्ट्रेटी जांच बैठा दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा प्रिजर्व किया गया है।  
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जिला कारागार में उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी करन सिंह (35) पुत्र लल्लू पासी ने 6 जून वर्ष 2011 में हिस्ट्रीशीटर संतोष पासी की साथियों के साथ मिल हत्या कर दी थी। 03 जनवरी 2014 को मंझनपुर कोतवाली पुलिस ने करन को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया था। करन के साथ उसका भाई जगदीश व अन्य आरोपी जेल के बैरक नंबर पांच में निरुद्ध था। मंगलवार सुबह करीब छह बजे करन की अचानक तबियत बिगड़ गई। कैदी की हालत बिगड़ती देख कारागार में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया। कैदी की हालत में सुधार नहीं होने पर उसे जिला अस्पताल लाया गया जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

कैदी की मौत की खबर परिजनों और ग्रामीणों को हुई तो वे जिला अस्पताल पहुंचे और सिराथू-करारी मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। बवाल की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन के साथ पुलिस अधीक्षक वीके मिश्र, एएसपी अशोक सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने उपद्रवियों को हटाने का प्रयास किया तो महिलाओं और ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। साथ ही पुलिस अधिकारियों से जमकर नोकझोंक की। महिलाओं के गुस्से को देखते हुए महिला आरक्षी पुलिस लाइन से बुलाई गई। इसके बाद महिला सिपाहियों ने डंडा पटक कर महिलाओं को हटाया। इसके बाद पुलिस कैदी के शव कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जेलर आरके सिंह ने बताया कि युवक के सीने में सुबह तेज दर्द उठा था। जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ी थी। हालत में सुधार नहीं होने पर जिला अस्पताल लाया गया जहां मौत हो गई। कैदी की मौत से परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है।
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