करारी के एकौरा गांव के लापता युवक की लाश बुधवार की सुबह धनपरा गांव के समीप नदी किनारे पड़ी मिली। दो दिन पहले युवक साथी के साथ घर से लापता हुआ था। सूचना पर घटना स्थल पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। युवक की मौत से परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है।
करारी थाना क्षेत्र के एकौरा गांव का दया शंकर उर्फ भीम (22) पुत्र श्यामसुन्दर 28 अगस्त की शाम पड़ोसी के साथ घर से निकला था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। खोजबीन करने के बाद युवक के भाई ने साथी के खिलाफ युवक को गायब करने की एफआईआर दर्ज कराई। बुधवार की सुबह लापता युवक की लाश धनपरा गांव के समीप ससुर खदेरी नदी किनारे पड़ी मिली। खेत की ओर गए गांव के लोग शव देख घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना पर घटना स्थल पहुंची पुलिस ने युवक के शव की पहचान कराते हुए घटना की जानकारी परिजनों को दी। युवक के मौत की खबर सुनते ही रोते-बिलखते घर वाले घटना स्थल पर पहुंचे। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। करारी कोतवाल राकेश चौरसिया ने बताया कि पुलिस घटना की जांच पड़ताल कर रही है। युवक की मौत कैसे हुई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
बेरूआ गांव में पी थी छक कर दारू
एकौरा गांव का दयाशंकर उर्फ भीम साथी रामदेव के साथ पहले गौहानी के एक ईट भट्ठे पर गया था। इसके बाद वह बेरूआ गांव पहुंचा। इस दौरान दोनों ने गांव में छककर शराब पी। युवक को उसके साथी ने मौत के घाट उतारा या फिर उसकी मौत अधिक शराब पीने से हुई। पुलिस घटना की कई पहलुओं पर जांच कर रही है।
मंगलवार को छत्तीसगढ़ जाने वाला था भीम
एकौरा गांव दयाशंकर उर्फ भीम गरीब परिवार का था। ईट भट्ठे में मेहत मजदूरी कर परिवार की जीविका चलाता था। मंगलवार को वह छत्तीसगढ़ जाने की तैयारी कर रहा था। बताया जा रहा है कि साथी के साथ वह एक ईट भट्ठे पर काम करने वाले ठेकेदार के पास हिसाब करने के लिए गया था।
रामदेव खोलेगा रहस्य का पर्दा
दयाशंकर उर्फ भीम की मौत कैसे हुई इसका रहस्य साथी रामदेव की खोलेगा। दोनों बेरूआ गांव के एक साथ निकले थे। इसके बाद क्या हुआ इस बात की जानकारी किसी को भी नहीं है। हलाकि पुलिस आरोपी रामदेव की तलाश में जुटी है। खबर लिखे जाने तक पुलिस के हाथ खाली थे।