साइबर ठगी के सबसे बड़े मामले में भी कोखराज थाने की पुलिस टालमटोल कर रही है। वह भी तब जब मामले की नामजद रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। बैंक स्टेटमेंट से यह भी साफ हो गया है कि किसके खाते में रुपया ट्रांसफार्मर हुआ है। इनमें एक बिहार की भी महिला है जिसके खाते में रुपया भेजा गया है। इसके बावजूद पुलिस टालमटोल कर रही है। इससे पीड़ित पक्ष नाराज है।
गौसनगर करेली (इलाहाबाद) निवासी हफीजउद्दीन कारोबारी हैं। 25 अगस्त को वह कारोबार के सिलसिले में कोखराज के मूरतगंज बाजार आए थे। रुपये की जरूरत पड़ने पर उन्होंने मूरतगंज के एक एटीएम से दस हजार रुपया निकाला। दोबारा रुपया निकाल रहे थे कि एटीएम में तकनीकी दिक्कत आ गई। इसी दौरान नीरज नाम का एक लड़का एटीएम में घुसा। झांसा देकर उसने हफीजउद्दीन का एटीएम बदल लिया। 13 सितंबर को वह अपनी पासबुक लेकर करेली के खुल्दाबाद एसबीआई बैंक गए तो पता चला कि उनके खाते से ढाई लाख रुपया किसी दूसरे के खाते में ट्रांसफर किया गया है। हफीजउद्दीन ने मामले की नामजद तहरीर कोखराज थाने की पुलिस को दी।
बीस सितंबर को कोखराज थाने की पुलिस ने नीरज, रोहित मिश्रा व सीमा राज के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद हफीजउद्दीन ने बैंक के जरिए ही जांच करवाई तो पता चला कि उनके खाते से सीमा राज व रोहित मिश्र के खाते में रुपया ट्रांसफर किया गया है। सीमा राज के खाते की जांच करवाई गई तो पता चला कि वह बिहार की रहने वाली है। इसकी भी सूचना पुलिस को दी गई। कोखराज थाने की पुलिस ने मामले का जल्द खुलासा करने का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक मामले में उसने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे कारोबारी परेशान है।