पइंसा (ब्यूरो)। कचरा जलाने के दौरान उड़ी चिंगारी से बुधवार दोपहर हाजिल गोपालपुर गांव के तीन घरों में आग लग गई। इससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। घर से उठती लपटें और चीख-पुकार पर जुटे गांववाले जब तक आग बुझा पाते तीनों घरों के सारे सामान जलकर राख हो चुके थे। घटना से चार लाख रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है। सूचना देने के बाद भी देर शाम तक कोई राजस्व कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा था। इससे गांववालों में नाराजगी है।
सिराथू तहसील के हाजिल गोपालपुर गांव निवासी भोला यादव के घर के पास ही काफी दिनों से कूड़े का ढेर लगा था। बुधवार को कूड़ा जलाने के लिए उसमें किसी ने आग लगा दी। अपराह्न करीब दो बजे कूड़े के ढेर से निकली चिंगारी से गांव के तीन घरों में तबाही मच गई। चिंगारी से सबसे पहले भोला यादव के घर में आग लगी। तेज धूप और हवाओं के कारण देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। पूरा घर आग की लपटों से घिर गया। घर में आग लगी देख परिवार के लोग चीखते-चिल्लाते जान बचाकर बाहर को भागे। घर से उठती लपटें और चीख-पुकार सुनकर गांव में हड़कंप मच गया। शोर मचाते हुए ग्रामीण जुट गए।
लोग जब तक आग बुझाने की कोशिश करते तब तका लपटों ने भोला के घर से होते हुए पड़ोसी राजेंद्र यादव और शर्मा यादव के घर तक जा पहुंचीं। इससे इन दोनों के भी घर जल गए। तीनों घरों में रखे कपड़े, अनाज, बिस्तर, बर्तन समेत गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया। आग बुझाने के प्रयास में जुटे सैकड़ों ग्रामीण घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पा सके। गृहस्वामियों के मुताबिक आग लगने से उनका करीब चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है। गांव के लोगों का कहना है कि आग लगने की सूचना उन्होंने फोन से अग्निशमन दल को भी दी थी। इसके बाद भी पर फायर ब्रिगेड मौके पर नहीं पहुंचा।
ग्रामीणों ने राजस्व अफसरों के भी गांव नहीं पहुंचने पर गुस्सा जताया है। मामले मे एसडीएम सिराथू लालजी मिश्रा का कहना है कि घटना की सूचना मिली है। राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को गांव जाकर प्रकरण की जांच और आग लगने से हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने को कह दिया गया है। पीड़ित परिवारों की मदद की जाएगी।