चायल। प्राकृतिक आपदा से करार रहे किसानों पर आग का भी कहर टूट रहा है। घर और खेत, खलिहानों में लग रही आग से किसान बर्बाद हो रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी नेवादा ब्लाक के दुर्गापुर गांव के तीन किसानों के खेत में आग लगने से छह बीघे गेहूं की फसल राख हो गई। घंटों जूझने के बाद ग्रामीण आग पर काबू पा सके।
नेवादा ब्लाक के दुर्गापुर गांव निवासी रामसुख पुत्र राम अभिलाष, बेनी प्रसाद पुत्र शिव प्रताप और संजय सिंह पुत्र जयराम के गेहूं के खेत में बृहस्पतिवार की दोपहर अचानक आग लग गई। इससे इन किसानों का करीब छह बीघा खेत में पककर तैयार गेहूं की फसल जलकर खाक हो गई। खेत से उठती लपटें देख गांववालों में अफरा-तफरी मच गई। चीखते-चिल्लाते गांववालों की मौके पर भीड़ जमा हो गई। सैकड़ों की संख्या में जुटे लोग आग बुझाने में जुटे। घंटों जूझने के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि जब तक लोग आग बुझा पाते।
छह बीघे की सारी फसल जलकर राख हो गई थी। भुक्तभोगी किसानों की मानें तो फसल जलने से उन्हें कम से कम 50 कुंतल खाद्यान्न का नुकसान हुआ है। वहीं ग्रामीणों में गुस्सा है कि जानकारी देने के बाद भी दमकल कर्मी घटनास्थल पर नहीं पहुंच सके। फसल में आग लगने की बावत माना जा रहा है कि खेत बगल स्थित महुआ की बाग की पत्ती जलाई गई थी। ठीक तरह से आग नहीं बुझाए जाने से यह घटना हुई है। किसानों ने मामले की जानकारी राजस्व अफसरों को दे दी है।