आबकारी टीम, पुलिस और गांजा तस्कर के गठजोड़ ने क्या गुल खिला रखा है इसका नजारा देखिए। जिले की सड़कों पर कदम-कदम पर गांजा बिक रहा है। देखिए डीएम साहब! कुछ तो करिए। अफसरों ने जब गांजा बिक्री की सच्चाई पर डीएम की आंख पर पर्दा डाला तो अमर उजाला टीम बुधवार को सड़क पर उतरी। इसके बाद जो सच्चाई दिखी कहने में गुरेज नहीं कि अब शायद डीएम को खुद उतरना पड़ेगा गांजा कारोबार रोकने के लिए। अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में बता दिया है कि आबकारी अधिकारी को फुर्सत नहीं और सड़क पर गांजा बिक रहा है। मामला तो सीधे पुलिस का भी बनता है पर पुलिस अफसर भी मौन हैं।
दोआबा में भांग की दुकानों से गांजा बिक्री का कारोबार थम नहीं रहा है। इस पर शिकंजा कसने के लिए एसडीएम चायल और सिराथू ने डीएम के निर्देश पर रविवार को छापेमारी की। मगर छापेमारी का असर गांजा बिक्री को रोक पाने में कम और दुकानदारों को सजग करने वाला ज्यादा साबित हुआ। भांग के ठेकेदारों ने दुकानों से गांजे की पुड़िया हटाकर अगल-बगल और सड़कों पर सेल्समैन उतार दिया। इसके बाद अफसरों ने डीएम की आंख पर पर्दा डालते हुए भांग की दुकानों से गांजा बिक्री को बंद होने की रिपोर्ट भेज दी। ऐसे में डीएम अखंड प्रताप सिंह और एसपी वीके मिश्रा को सच्चाई से रूबरू कराने के लिए बुधवार को अमर उजाला की टीम पड़ताल पर निकली।
समय-21.35 बजे दोपहर
स्थान-मंझनपुर सिराथू रोड स्थित भांग की दुकान
डीएम कार्यालय से महज 12-14 सौ मीटर दूर अफसरों की नाक के नीचे चल रही मंझनपुर सिराथू रोड स्थित भांग की दुकान के पास टीम पहुंची। टीम ने एक शख्स को भेजकर गांजे की पुड़िया मंगवाई। भांग की दुकान के सेल्समैन ने सामने स्थित एक बिल्डिंग की ओर इशारा कर दिया। वह शख्स दुकान के सामने वाले भवन में पहुंचा तो झोले में गांजा भरकर बैठे युवक ने उसे बुलाया और 60 रुपये लेकर एक पुड़िया दे दिया।
समय- 1.10 बजे दोपहर
स्थान-समदा
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से महज 12-14 सौ मीटर दूर समदा स्थित भांग की दुकान के पास टीम पहुंची। टीम ने एक शख्स को भांग की दुकान पर भेजा। इस पर सेल्स मैन ने बगल में एक चबूतरे की ओर इशारा किया। वहां मौजूद सेल्समैन ने शख्स को 60 रुपये लेकर गांजा की पुड़िया दे दी। सेल्समैन ने ये भी कहा कि अन्य खरीददारों को जगह के बारे में बता देना।
अब क्या कहेंगे आबकारी अधिकारी
आबकारी अधिकारी बीपी मानिक अब क्या कहेंगे ये सवाल अहम हो गया है। जबकि आबकारी अधिकारी का रटारटाया बयान है कि उनके पास गांजा पकड़ने के अलावा भी तमाम काम है। गौर तलब है कि एसडीएम सिराथू और चायल दुकान सीज कर साबित कर चुके हैं कि भांग की दुकानों पर गांजा बिक रहा है और बाकी की पड़ताल अमर उजाला ने कर दिया है कि दुकानों पर ही नहीं सड़क पर कदम-कदम पर गांजा बिक रहा है।
गांजे की बिक्री पूरी तरह से अवैध है। भांग की दुकान हो या कोई और जगह। किसी भी कीमत पर गांजा बिकने नहीं दिया जाएगा। निर्देश के बाद अब तक क्या सफलता मिली, इसकी जानकारी मातहतों से ली जाएगी। शिथिलता बरतने वाले अफसर को कर्रा किया जाएगा।
अखंड प्रताप सिंह, डीएम