शिक्षकों से ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर वसूली करने वाले अध्यापकों के एक गिरोह का एसओजी ने भंडाफोड़ किया है। गिरोह के दो सदस्यों को शनिवार की दोपहर एसओजी टीम ने बीएसए कार्यालय के समीप से धरदबोचा। इनकी कार से पुलिस को 65 हजार रुपये मिला है। यह रकम इन दोनों ने सरसवां ब्लाक के दो शिक्षकों से मनचाहे स्कूल में तबादले के नाम पर ली थी। हत्थे चढ़े व्यक्तियों से पुलिस पूछताछ में जुटी है।
बेसिक शिक्षा विभाग के एक शिक्षक और एक अन्य को शनिवार दोपहर बीएसए कार्यालय के समीप एसओजी टीम ने धरदबोचा। ये दोनों टवेरा कार से बीएसए दफ्तर आए थे। दोनों को एसओजी टीम ने एसपी दफ्तर लाकर पूछताछ की। इनकी कार की तलाशी ली गई। कार से 65 हजार रुपये मिला। साथ ही एक पर्ची भी मिली। इसमें दो शिक्षकों के नाम के अलावा उनके तैनाती स्कूल और किस स्कूल में स्थानांतरण करना है, उसका नाम लिखा था। बरामद हुई रकम इन व्यक्तियों ने सरसवां स्कूल के दो शिक्षकों से मनचाहे स्कूल में स्थानांतरण कराने के नाम पर वसूली थी। पुलिस 65 हजार रुपये के साथ पकड़े गए दोनों व्यक्तियों से पूछताछ में जुटी है।
वहीं शिक्षकों के स्थानांतरण के नाम पर वसूली करने वाले शिक्षक समेत दो व्यक्तियों के पकड़े जाने से बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मियों में भी हड़कंप मच गया। मामले में प्रभारी एसपी अपर पुलिस अधीक्षक ओपी पांडेय ने बताया कि अध्यापकों से मनचाहे स्कूल में स्थानांतरण के नाम पर वसूली करने के गिरोह की सूचना पर दो युवकों को पकड़ा गया है। इनसे पूछताछ की जा रही है। साथ ही मामले की जांच सीओ सिटी को दी गई है। जांच पूरी होने से पहले कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। वहीं बेसिक शिक्षाधिकारी अशोक कुमार यादव का कहना है कि उन्होंने चार साल से स्थानांतरण की प्रक्रिया रोक रखी है। यदि तबादले के नाम पर कोई किसी से रकम वसूल किया है, तो दोषी व्यक्ति के खिलाफ पुलिस को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।