मंझनपुर (ब्यूरो)। अगवा करके करारी के अधेड़ योगेंद्र सिंह की हत्या में दबोचे गए गौराहार (ओसा) के युवक के पक्ष में सोमवार को गांव की महिलाओं ने मंझनपुर कोतवाली में जमकर प्रदर्शन किया। आरोपी युवक को बेकसूर बताते हुए महिलाओं ने उसे छोड़ने की मांग पुलिस से की। हंगामे की सूचना पर आए एसपी से भी महिलाएं भिड़ गईं। मामला बिगड़ता देख सिपाहियों ने उन्हें कोतवाली से बाहर किया।
बता दें कि चार मार्च को बेटी को परीक्षा दिलाने के लिए डिग्री कालेज ओसा आ रहे करारी के अशोक नगर मोहल्ला निवासी योगेंद्र सिंह को सरेराह अपहरण करके मौत के घाट उतार दिया गया था। गला दबाकर मारने के बाद हत्यारों ने शव को चित्रकूट के पहाड़ी इलाके में फेंक दिया था। लाश बरामद होने के बाद तफ्तीश में जुटी मंझनपुर कोतवाली पुलिस ने घटना के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की।
साथ ही पुलिस ने रविवार की रात अपहरण और हत्या के इस प्रकरण में मोनू निवासी गौराहार ओसा को भी दबिश देकर धर दबोचा। युवक के पकड़े जाने के बाद आक्रोशित घर और गांव की महिलाओं ने सोमवार को मंझनपुर कोतवाली में आकर जमकर हंगामा किया। महिलाएं हिरासत में लिए गए युवक को छुड़ाने पर अड़ी थीं। इधर, कोतवाली में महिलाएं हंगामे की सूचना पर खुद पुलिस अधीक्षक रतनकांत, एएसपी ओपी पांडेय भी पहुंचे। एसपी ने महिलाओं को समझाने की कोशिश की, तो वे उनसे ही उलझ गईं।
पुलिस अधीक्षक से महिलाओं की तीखी झड़प होते देख सिपाहियों ने डंडा फटकारकर उन्हें कोतवाली से बाहर किया। पुलिस अधीक्षक रतनकांत पांडेय ने बताया कि हत्यारोपी युवक ने अपना जुर्म कबूल किया है। वह योगेन्द्र हत्याकांड का आरोपी है। अब जबरदस्ती महिलाएं उसे छुड़वाने को कोशिश कर रही थी। बताया कि हत्यारोपी को जेल भेज दिया गया है।