गरीब होने के बाद भी लोहिया आवास नहीं मिलने से परेशान टेंवा गांव के गरीबों ने आरपार की लड़ाई छेड़ रखी है। तीन साल से अफसरों के दफ्तर का चक्कर लगा रही महिलाओं ने सोमवार को कलक्ट्रेट में हुंकार भरी। डीएम को प्रार्थनापत्र देकर सूची की जांच कराकर पात्रों को आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की। मंझनपुर ब्लाक के टेंवा गांव की केवली देवी, मंजू देवी, केतकी देवी, ऊषा देवी, रानी देवी, सावित्री देवी, सत्यवती, जुबैदा, सरस्वती, गीता देवी, रामकली, लक्ष्मी देवी, सुदामा देवी, घूरा देवी, नीलम, चमेली देवी, प्रतिभा देवी, मिथिला देवी, शकुंतला देवी आदि ने बताया कि वे भूमिहीन गरीब घर की महिलाएं हैं। ग्रामसभा की खुली बैठक में करीब दो साल पहले उनका नाम लोहिया आवास के लिए चयनित किया गया था।
आरोप है कि ग्रामसभा की बैठक में तैयार की गई सूची में हेराफेरी करके गरीबों का नाम हटाकर रसूखदार धनाढ्य घरों की महिलाओं का नाम शामिल कर लिया गया। महिलाओं की मानें तो इसकी शिकायत ब्लाक से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक की गई। कई बार तहसील दिवस में भी शिकायतीपत्र उच्चाधिकारियों को दिया गया। इसके बाद भी अब तक सूची का सत्यापन कराकर अपात्रों का नाम हटाया नहीं जा सका है। गरीब होने के बाद भी लोहिया आवास नहीं मिलने से परेशान महिलाओं ने बताया कि कई बार कलक्ट्रेट में आकर डीएम से भी शिकायत कर चुकी है। फिर भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। अफसरों की अनदेखी से भड़की महिलाओं ने सोमवार को फिर से कलक्ट्रेट आकर हुंकार भरी। जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर सूची का सत्यापन और गरीबों का नाम सूची में शामिल कराकर उन्हें आवास उपलब्ध कराने की मांग की। अनदेखी पर महिलाओं ने कलक्ट्रेट में बेमियादी धरने पर बैठने की चेतावनी भी दी।