पश्चिमशरीरा (कौशाम्बी)। साधन सहकारी समिति पश्चिमशरीरा के सचिव दिलीप कुमार (50) की सोमवार की सुबह संदिग्धदशा में मौत हो गई। समिति कार्यालय के भीतर फंदे से उनकी लाश लटकती मिली। घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना पर विभागीय अफसरों के साथ ही इलाकाई पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं सहायक निबंधक (सहकारिता) ने विभागीय जांच के मद्देनजर दफ्तर को सीज करा दिया है। वहीं घटना को लेकर क्षेत्र में तमाम चर्चाएं हैं। लोग सचिव की खुदकुशी को वसूली लक्ष्य से भी जोड़ रहे हैं। हालांकि विभागीय अफसरों ने इससे साफ इंकार किया है।
पश्चिमशरीरा कोतवाली क्षेत्र के बरूआ गांव निवासी दिलीप कुमार त्रिपाठी (50) पुत्र श्रीकृष्ण तिवारी किसान सेवा केंद्र (साधन सहकारी समिति) पश्चिमशरीरा में सचिव पद पर तैनात थे। उनकी पत्नी ने बताया कि सोमवार की सुबह रोज के करीब डेढ़ घंटे पहले यानि 8.30 बजे ही घर से दफ्तर के लिए निकल गए थे। वहीं समिति के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुरेंद्र कुमार के मुताबिक सुबह करीब नौ बजे वह उसके घर आकर कार्यालय के चाभी यह कहकर मांगे थे, कि वित्तीय वर्ष का आखिरी दिन चल रहा है। कामकाज निपटाना है।
सुरेंद्र करीब 10.25 बजे कार्यालय पहुंचा, तो भीतर सचिव दिलीप कुमार की लाश फंदे से लटकती देख उसके होश उड़ गए। वह चीखते-चिल्लाते बाहर को भागा। उधर, चीख-पुकार पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। मौत से सभी स्तब्ध थे। घरवाले भी रोते-बिलखते आए। साथ ही खबर लगते ही इलाकाई पुलिस और विभागीय अफसर भी आए। जांच के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उधर, एआर कोआपरेटिव ने कार्यालय को सीज करा दिया है। ताकि किसी भी अभिलेख में कोई हेराफेरी न की जा सके। एआर दयानंद प्रसाद का कहना है कि कार्यालय में किसी प्रकार का कोई तनाव नहीं था। सचिव की मौत की वजह क्या है। यह तो जांच के बाद भी सामने आएगा।