घर के भीतर मंगलवार सुबह एक विवाहिता आग का गोला बन गई। शोर और घर से निकलते धुएं को देखकर तमाम लोग मौके पर पहुंचे। इन्होंने ने आग बुझाई। महिला को एसआरएन हास्पिटल इलाहाबाद में भर्ती कराया गया है। विवाहिता कैसे और क्यो जली? इस बावत परिजन भी कुछ नहीं बता पा रहे हैं।
कोखराज थाना क्षेत्र के शहजादपुर गांव की ननकी देवी (20) पुत्री जगेसर सरोज की शादी 5 मई 2015 को अशरफपुर के राकेश कुमार के साथ हुई थी। बताया जाता है कि ससुराल में उसकी तबीयत खराब हो गई थी। आठ दिन पहले ही पति ससुराल से उसे मायके छोड़ गया था। मंगलवार सुबह मायके के सभी लोग खेत में काम करने गए थे। घर में वह अकेली ही थी। सुबह करीब 9 बजे घर के भीतर वह आग का गोला बन गई। विवाहिता की चीखें और घर से धुआं निकलता देख आसपास के लोग सन्न रह गए। गांववाले मौके पर पहुंचे, तो विवाहिता लपटों से घिरी थी। ग्रामीणों ने आग बुझाई। इससे पहले वह झुलस चुकी थी। बेटी के जलने की खबर मिलते ही मां, भाई और परिवार के अन्य सदस्य भी घर आ गए। परिवार के लोग विवाहिता को जिला अस्पताल मंझनपुर ले गए। जहां उसकी हालत गंभीर देख प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने एसआरएन हास्पिटल इलाहाबाद रेफर कर दिया। प्राथमिक उपचार करने वाले चिकित्सकों के मुताबिक विवाहिता 85-90 फीसदी झुलस चुकी है।